गुमनाम अँधेरे का शहीद...सुभाष चन्द्र बोस की 119 वी जयंती पर कविता

साहस और शौर्य के प्रतीक शहीद सुभाष चन्द्र बोस (गुमनामी बाबा) की 119 वी जयंती पर शत शत नमन के साथ के एम भाई यह कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
शहीदों की चिताओं पे न फूल होंगे-
न होंगे मेले, न होगा कोई बाकी निशाँ-
वतन पे कुर्बानी देने वाला रहेगा सूनसान-
न कोई जश्न होगा-
न होगा कोई इन्कलाब-
हर एक शहीद बन जायेगा एक ख़्वाब-
न रक्त बहेगा-
न होगा क्रान्ति का आह्वान-
अब न होगा कोई सुभाष बलिदान-
भारत हो या जापान-
आज़ाद हिन्द फ़ौज का-
हर एक सिपाही कहलायेगा गुमनाम...

Posted on: Jan 23, 2017. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER

जिंदगी के सफर में...नववर्ष के उपलक्ष्य में एक कविता

बावरा मन कहता है-
बन भौरा मै यूँ ही-
खुशियाँ लुटाता रहूं-
न कोई हिसाब हो-
न हो कोई व्यापार-
जिन्दगी के सफर में-
यूँ ही सपने सजाता रहूँ-
बन भौरा मै यूँ ही-
खुशियाँ लुटाता रहूँ-
न पथ की चिंता हो-
न हो पथिक का इन्तजार-
इंसानियत की राह पे-
यूँ ही हमसफ़र बनाता रहूँ-

बन भौरा मै यूँ ही-
खुशियाँ लुटाता रहूँ-
शर्म -लाज का मोह न हो-
न हो सवाल जवाब-
खुशियों की इस बगिया में- यूँ ही प्रेम रस फैलाता रहूँ – बन भौरा मै यूँ ही-
खुशियाँ लुटाता रहूँ- न खुछ खोने का डर हो-
न हो पाने का लालच-
जीवन रुपी इस नैया को-
यूँ ही हंस हंस के पार लगाता रहूँ-
बन भौरा मै यूँ ही-
खुशियाँ लुटाता रहूँ-
बन भौरा मै यूँ ही-
खुशियाँ लुटाता रहूँ..
सभी साथियों को नव वर्ष की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाये |
के एम् भाई
8756011826

Posted on: Jan 03, 2017. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER

क्रिसमस आया क्रिसमस आया घर-घर में खुशियाँ लाया...क्रिसमस पर कविता

कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई क्रिसमस के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं :
क्रिसमस आया क्रिसमस आया – घर-घर में खुशियाँ लाया-
मीठे मीठे पकवान और-
रंग बिरंगे तारे लाया-
क्रिसमस आया क्रिसमस आया-
गुब्बारे संग तितलियाँ लाया-
गीत-संगीत संग ढोल-नगाड़े लाया-
क्रिसमस आया क्रिसमस आया-
घर घर में खुशियाँ लाया-
रौशनी संग खूब सारा प्यार लाया-
नए नए खेल-खिलौने और उपहार लाया-
क्रिसमस आया क्रिसमस आया-
घर घर में खुशियाँ लाया-
बच्चों ने खूब धूम-धडाका मचाया-
बड़ों ने भी गीत गुनगुनाया-
क्रिसमस आया क्रिसमस आया-
घर घर में खुशियाँ लाया...

Posted on: Dec 25, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER

इंसान ही इंसान का रक्त बहाता है...कविता

जिला-कानपुर उत्तरप्रदेश से के एम भाई 26/11 के शहीदों पर एक कविता सुना रहे है:
इंसान ही इंसान पे रक्त बहाता है-
पलक झपकते ही एक बुरा ख्वाब आता है-
और यू ही मन को रुला जाता है-
आसुओ का बाहों अपने आप ही निकल आता है-
जब भी वो मंजर याद आता है-
शहीदों की याद में शहीदों की में-
ये दिल यू ही गुनगुनाता है-
क्यों इंसान ही इंसान पे रक्त बहाता है...

Posted on: Nov 29, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER

वोट और नोट के खेल में...कविता

वो मजहबी रंग की बात करते है-
पर इंसानी मजहब की बात नहीं करते-
वो निवेश और विनिमेश की बात करते है-
पर लोकतंत्र की बात नहीं करते-
वो लहू के रंग की बात करते है-
पर संबंधो की बात नहीं करते-
वो नफरत और टकराव की बात करते है-
पर एकता और विश्वास की बात नहीं करते-
वो इंसानी जात की बात करते है-
पर इंसानियत की बात नहीं करते-
वो आंसू बहाने की बात करते है-
पर ख़ुशी बांटने की बात नहीं करते-
वो टकराव और उन्माद की बात करते है-
पर हाथ जोड़ने की बात नहीं करते-
वो राज और राजनीति की बात करते है-
पर सबके विकास की बात नहीं करते-
वो वोट और नोट में खेल की बात करते हैं-
पर इंसानी हक़ की बात नहीं करते-
वो सियासी दांव पेच की बात करते है-
पर इंसानी विशवास की बात नहीं करते-
इंसानी विशवास की बात नहीं करते...

Posted on: Nov 24, 2016. Tags: KM BHAI

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