कल तक संग्राम था पाकिस्तान से...कविता-

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
कल तक संग्राम था पाकिस्तान से-
आज संग्राम है चीन से-
जब सबको पता है-
मिट्टी में मिलने के लिये थोड़ी सी जगह चाहिये-
किसी का रिश्ता नहीं ढेर सी जमीन से-
आज संग्राम है चीन से-
एकता के फूल टूट गये, आज ह्रदय के दाग से... (AR)

Posted on: Jun 20, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

शिकंदर ने कहा सुकराज से तुमको क्या लाऊंगा...कविता-

जिला-भदौनी (उत्तर प्रदेश) से अजय मिश्रा एक कविता सुना रहे हैं:
शिकंदर ने कहा सुकराज से तुमको क्या लाऊंगा-
विजय डंका बजाकर हिन्द से लौट आऊंगा-
कहा सुकराज ने राजन विजय अगर हिन्द पर पाना-
हमारे वास्ते भारत से जाने तुम जब लाना-
हमर वास्ते लाना अमर पेटी कमल गीता की-
और मृतक मजदूर जाना तुम कहानी राम सीता की... (AR)

Posted on: Jun 20, 2020. Tags: AJAY MISHRA BHADAUNI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER

लाल टमाटर खाऊँगी पाकिस्तान को जाऊँगी....बाल कविता

ग्राम-खैराभाट पंचायत-खडकागाँव ब्लॉक -नारायणपुर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से जनकबती कुमेटी हमारे श्रोताओं को एक बाल कविता सुना रही है:
लाल टमाटर खाऊँगी पाकिस्तान को जाऊँगी-
6 पकड़कर लाऊँगी मात्रभूमि के चरणों में-
अपना शीश झुकाउँगी खाकी कोयल कू-
कू कू चलती है खा खा खरगोश बड़ा है
CS

Posted on: Jun 18, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI CG CHILDREN JANAKBATI KUMETI POEM SONG VICTIMS REGISTER

भाटा केरा के वजा, आलू बरी मुनगा के झोर...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
भाटा केरा के वजा-
आलू बरी मुनगा के झोर-
बूढी दाई बुढा बाबा-
खोजथे मुनगा ला चिचोर-
दांत नई आय एकोठन-
मुनगा भाजी घलो कैसे खाहीं... (AR)

Posted on: Jun 16, 2020. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM SONG VICTIMS REGISTER

गर्मी के मौसम में टपके पसीना...कविता-

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-निमाड़ी (मध्यप्रदेश) से मनोज कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं:
गर्मी के मौसम में टपके पसीना-
धरती है प्यासी-
अम्बर है पानी बिना-
सुबह का मौषम मन को भाया-
संध्या के मौषम में दिल को रिझाया-
दोपरिहा के मौषम में सभी को दुखाया... (AR)

Posted on: Jun 16, 2020. Tags: MANOJ KUSWAHA MP NIMADI POEM SONG VICTIMS REGISTER

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