ममता के अनमोल खजाना कभो न दिल से तेजा...गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक गीत सुना रही हैं:
ममता के अनमोल खजाना कभो न दिल से तेजा-
धड़केला हरदम बेटा खातिर माई के करेजा-
कुहूकेल हरदम बेटा खातिर माई के करेजा-
ए भैया आज हम जौन सुनावत तानी-
अपना माई से सुनले बानी-
की माई के ममता का होला...
Posted on: Mar 13, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
झंडे इस तिरंगे की बड़ी अमर कहानी है...गीत
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से मीना एक गीत गीत सुना रही हैं:
झंडे इस तिरंगे की बड़ी अमर कहानी है-
इसमें लाल रंग बताता है मेरी खून की निसानी है-
इसमें हरा रंग बताता है मेरी खेत की निसानी है-
इसमें सफ़ेद रंग बताता है मेरी विद्यालय की निसानी है-
झंडे इस तिरंगे की बड़ी अमर कहानी है...
Posted on: Mar 13, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
आ बन्ना ब्याहन को आजा मोरे अंगना...बन्नी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक बन्नी गीत सुना रही हैं:
बन्नी को भाबे नही अंगना सुहाबे नही अंगना-
आ बन्ना ब्याहन को आजा मोरे अंगना-
शेहरा तो बांध बन्ना अपने आंगन मा-
लरिया शंभालो मेरे अंगना शंभालो मेरे अंगना-
शूटे शंभाल बन्ना अपने अंगना मा-
टाई शंभालो मेरे अंगना शंभालो मेरे अंगना-
आ बन्ना ब्याहन को आजा मोरे अंगना...
Posted on: Mar 12, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
काली चुनरिया के कोर काला...होली गीत
ग्राम-नोनारी,जिला रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक होली गीत सुना रही हैं:
काली चुनरिया के कोर काला, पिया पानी न जाबये नजर लागी-
चाहे ससुर जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब सास रानी-
चाहे जेठ जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब जेठ रानी-
चाहे देवर जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब लहुर रानी-
काली चुनरिया के कोर काला पिया पानी न जाबये नजर लागी...
Posted on: Mar 10, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI HOLI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में...बन्नी गीत
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक बन्नी गीत सुना रही हैं:
बारह बरश की उमर बीत गई बाबुल की अंगनाई में-
हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में-
प्यारे बन्नी जी के बेंदी सोहय टीका लिखा विदाई में-
कानो बन्नी जी के कुंडल सोहय झूमक लिखा विदाई है-
गाले बन्नी जी के लैकिट सोहय हारा लिखा विदाई है-
हांथ पकड़ के खींच लिया मेरी दो दिन की सगाई में-
बारह बरश की उमर बीत गई बाबुल की अंगनाई में...
