स्वास्थ्य स्वर : चेहरे पर दाग धब्बे का घरेलू उपचार-
ग्राम-आमगढ़, जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से वैद्य राज राजेश चेहरे पर दाग धब्बे का घरेलू उपचार बता रहे है, चना का बेसन 50 ग्राम, गुलाब जल 50 ग्राम, नींबू का रस 25 ग्राम, 10 ग्राम हल्दी इन सबको मिलाकर के लेप बना कर के लगाने से लाभ हो सकता है, अधिक जानकरी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। संपर्क नंबर@9285544059.(180523) GT
Posted on: Nov 01, 2020. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER
एक रूपया चाँदी का देश हमारा गाँधी का...कविता
बडवानी मध्यप्रदेश सुरेश कुमार एक कविता सुना रहें है:
एक रूपया चाँदी का देश हमारा गाँधी का
देश ना बनता बातो से काम करेंगे हाथो से – जागे गी भाई जागेगी नारी शक्ति जाग गी-
जाग गयी भाई जाग गयी नारी शक्ति जाग गयी-
वह है प्यारा देश हमारा देश का रक्षा कोन करेगा-
हम करेंगे हम करेंगे देश का रक्षा हम करेंगे-
एक रूपया चाँदी का देश हमारा गाँधी का...(180556) GT
Posted on: Nov 01, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
Impact :सन्देश रिकॉर्ड के पश्चात् हैंडपंप बन गया...
ग्राम-टिकाईटोला, पोस्ट-अमरौत, तहसील-कोतमा जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से अंतलाल जयसवाल हमारें गांव में पानी कि बहुत समस्या थी जिसे सीजीनेट स्वर में सन्देश रिकॉर्ड किये जिसके पश्चात् सीजीनेट सुनने वाले साथियों की मदद से समस्या से संबधित अधिकारीयों बात पर हैंडपंप बनवाने में मदद किये इसलिए सभी पद अधिकारी एंव सीजीनेट सुननें वाले साथियों को धन्यवाद कर रहें हैं. संपर्क@6261218668.(180550) GT
Posted on: Nov 01, 2020. Tags: IMPACT STORY SONG VICTIMS REGISTER
यहां हर कदम कदम पे धरती बदले रंग...देशभक्ति
ग्राम-मेंढारी, पोस्ट-करमडीहा, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अंजलि नेटी एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
यहां हर कदम कदम पे धरती बदले रंग-
यहा के बोली में रंगोली सात रंग-
थानीय पगड़ी पहरे मोसम नीले-
चादर सारे अबर है नदी सुनेहरा-
हरा समुंदर है सजीला देश रंगीला-
यहां हर कदम कदम पे धरती बदले रंग...(180476) GT
Posted on: Nov 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
आदिमानव का कहानी बता रहें है...
ग्राम पंचायत-जयपुर, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल आदिमानव का कहानी बता रहें है, आदिमानव पत्थरों एंव लकड़ी से अवोजरों से शिकारी करतें थे| कंद मुल, फल और मांस खा कर अपना जीवन बितातें थे| कुछ समय बाद उन्होंने खेती करना शुरुआत किया| और स्थाई रूप से एक जगह बसने लगें| इसके बाद सिन्धु घाटी में शहर बसे, सिन्धु घाटी के शहरोँ में अच्छे लोग रहतें थे| जैसे तांबा, कांसा धातुओं से बर्तन मूर्तियों बनया करतें थे|(180532) GT
