एक रूपया चाँदी का देश हमारा गाँधी का...कविता

बडवानी मध्यप्रदेश सुरेश कुमार एक कविता सुना रहें है:
एक रूपया चाँदी का देश हमारा गाँधी का
देश ना बनता बातो से काम करेंगे हाथो से – जागे गी भाई जागेगी नारी शक्ति जाग गी-
जाग गयी भाई जाग गयी नारी शक्ति जाग गयी-
वह है प्यारा देश हमारा देश का रक्षा कोन करेगा-
हम करेंगे हम करेंगे देश का रक्षा हम करेंगे-
एक रूपया चाँदी का देश हमारा गाँधी का...(180556) GT

Posted on: Nov 01, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER