कुरु-कुरु करत आबे रे मईना-शुरू-शुरू मा खाबे रे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं :
कुरु-कुरु करत आबे रे मईना-शुरू-शुरू मा खाबे रे-
फरे हावे पीपर डारी मा, पीपर पाके हावे न रे मईना-
बैईठ के मजा ले डाही मा, पका-पका ला खाबे रे मईना-
चीं, चां, चूं, चूं झनी करबे रे मईना, लगे हवय रे फांदा-
कले चुप बैईठे रहिबे कोन्हो न कोंहा मा बईठे रहिबे जादा...

Posted on: Mar 26, 2018. Tags: KANHIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

सरकार ने कहा था कि प्रत्येक महुआ पेड़ मालिक को ४००० रु देगी, क्या सच में देगी और कब देगी...

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडीयारी बता रहे है, कि
सरकार द्वारा वर्ष २०१८ में प्रत्येक महुआ पेड़ के ४००० रु देगी यह कहा था पर क्या सरकार हितग्राहियों को यह पैसा इस साल देगी और देगी तो कब तक क्योंकि अभी महुआ बीनने का समय चल रहा है अगर सरकार पैसा देगी तो लोग महुआ बिनना छोड़ देंगे, अगर महुआ बिनना कम हुआ तो कच्ची देशी शराब पीना व बनना कम हो जायेगी जिससे गाँव के गरीब आदिवासी शराब की लत से दूर हो जायेगा, पक्की शराब भट्टियो को भी तोड़ देना चाहिए, अगर बेचे भी तो शहर जिले में ही बेचे, आखिर सरकार कब तक वादा खिलाफ़ी करती रहेगी, एक दिन जनता जरुर जागेगी| कन्हैयालाल पडीयारी@9981622548

Posted on: Mar 21, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

जोश न खोया होश न खोया...देशभक्ति कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
जोश न खोया होश न खोया-
देश की सेना का वीर जवान-
हाथ में राइफल लेकर-
दुश्मनों पर टूट पढ़ा-
परवाह न किया अपना जान-
गिन-गिनकर चुन-चुनकर-
दुश्मनों को मार गिराया-
जान के बदले जान लेकर
दुश्मनों का मान बढाया...

Posted on: Feb 08, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

काला-काला श्याम सलोना...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
काला-काला श्याम सलोना-
मेरे बगिया में रोज आता-
कलियों के पास जा जाकर-
कानो में कुछ कहता-
फूलो के नजदीक जाकर-
फूलो से मीठा पराग चुराता-
बगियों में नित गुंजन करके-
बगियों का शोभा बढाता-
कलियों को खिलने का इंतजार कर-
उन्हें कभी नुकसान नहीं पहुंचता...

Posted on: Jan 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

मोर गाँव मोर अंगना, हमर सबके ये है प्राण...कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
मोर गाँव मोर अंगना,हमर सबके ये है प्राण-
गाँव के मन अब साहब बनगे, भुलागेन खेती बाड़ी-
परे बर पांव माँ-बाप के लाज लागते-
जब भार्गव बन गये रहे भगवान्-
मोर तमनार अब बनथे महान-
चिपचिपा खार केलो बिहार बनगे-
डोली खेत टूटगे प्लांट, खुश बासी होगे-
किसान मोर तमनार होगे महान|
तमनार तो चले गये अब है सत्ताईस गाँव के बारी-
सोनकर भुइयां अब करिया परगे-
सब्बो बन ही कोयला खदान...

Posted on: Jan 21, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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