ना होश रहा ना जोश रहा, आँखों से गया नींद...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ना होश रहा ना जोश रहा, आँखों से गया नींद-
सारा रात बिता रहा, तारे रहता गिन-
भूख गया, प्यास गया, देख तन की सितलाई-
आँखों के आगे झूल रहा था, बुढ़ापा की परछाई-
हरदम याद आता रहता, बीती पलों की याद-
घुट कर रह जाता, करके उस पलों की याद...
Posted on: May 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
तितली उड़ी बस में चढ़ी...कविता-
जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से दडनू मुस्ता एक कविता सुना रहे हैं :
तितली उड़ी बस में चढ़ी-
जगह नहीं मिली रोने लगी-
ड्राइवर बोला आ मेरे पास-
तितली बोली हट बदमास...
Posted on: May 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT POEM SONG SUKMA VICTIMS REGISTER
माँ ने मुझको ममता दी, पिता ने दिया प्यार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
माँ ने मुझको ममता दी, पिता ने दिया प्यार-
बहन राखी बांध दी, लुटाई अपना निश्छल प्यार-
भूल गया मै अपना सब कुछ-
पा अपनो का प्रेम प्यार-
दुनिया को मै भूल चला फीका-फीका लगा संसार...
Posted on: May 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
जग में सुंदर है दो नाम, मात पिता और उनका धाम...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
जग में सुंदर है दो नाम, मात पिता और उनका धाम-
एक जन्म देती सब दुःख सहकर-
दूजा पालता अपना ख़ून पसीना सींच कर-
उनसे बढ़ कर नहीं कोई दूजा-
मात पिता की सेवा ही पूजा-
मात पिता को जो धुत्कारे, उससे बड़ा कोई नहीं हत्यारे...
Posted on: May 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कूक रही थी कोयल काली पेड़ो पे डाली-डाली-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कूक रही थी कोयल काली पेड़ो पे डाली-डाली-
झूम रही थी डाली के संग, होकर मस्त मतवाली-
तान दे रहा था सुर मिलाकर उड़ इस डाली से उस डाली-
कूक रही थी कोयल काली पेड़ो पे डाली-डाली-
दूर देश से आई थी एक महुआ आमा की खुशियाली-
चहक रही थी इधर उधर हवा के संग-संग...
