मे तिलका मांझी ने बिहार बांगलपुर... कविता
भागीरथी वर्मा रायपुर छत्तीसगढ़ से सीजी नेट के श्रोताओं एक कविता सुना रहे हैं:
मे तिलका मांझी ने बिहार बांगलपुर मे अग्रेजों के खिलाफ जंग छेड़ा था|
आदिवासी सेना बनाकर अंग्रेजों का नींद हराम कर डाला था, अंग्रेज कलेक्टर कलस्तर को जहरीली तीरों से मौत के घाट उतारा था, तिलका माँजी ने ब्रिटिश शासक ने खून का बादल मंडराया था सपने में भी नहीं सोचा था जंगल में रहने वाला आदिवासी ऐसा हिमाकत कर डालेगा, अंग्रेजी शासक को भी हिला डालेगा ,बदकिस्मत से गद्दारों ने तिलका माँजी को पकड़वा दिया, चार घोड़े में बांधकर बांगलपुर लाया था खून से लटपत वीर तिलका को फिर भी जिंदा पाया था|
Posted on: Sep 15, 2022. Tags: BHAGIRTHI CG POEM RAIPUR
एक बता यार सोनू अगर देश को अकाल गयी तो क्या होगा...चुठकुला-
सुरेश कुमार बड़वानी (मध्यप्रदेश) से एक चुठकुला सुना रहे है:
एक बता यार सोनू अगर देश को अकाल गयी तो क्या होगा-
मोनू -आसान यार हो खुद ही दूध में पानी मिलाना शुरू कर देगी-
पुलिस -मेडम दरवाजा खोलो पति ट्रक के नीचे आ कर पापड़ बन गए है-
महिला-टो दरवाजा खोलने की क्या जरूरत थी-
एक सब्जीवाला वाला -पानी छिड़क रहा था-
एक सज्जन- ने मिनट बाद कहा भिन्ड्डी को होश आधा किलो तोल दो...
Posted on: Jul 25, 2022. Tags: BADWANI KUMAR MP POEM SONG SURESH
कई सिल टूट गये कई बिल खराब...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता
सुना रहे हैं:
कई सिल टूट गये कई बिल खराब-
जब से उद्योगपति सब कुछ हुआ बर्बाद-
माँ बहन बिक गये हरियाली हुयी बिनास-
गांव-गांव उजड़ गया उद्योगपति का हुआ राज-
कई सिल टूट गये कई बिल खराब...
Posted on: Jun 08, 2022. Tags: CG POEM RAIGDH
माँ तो बस माँ होती है, भाषा परिभाषा और तुलनाओं से परे
सजी नेट के श्रोताओं को राजुराम राणा जी एक पुस्तक “बस्तर बोलता भी है” से माँ शीर्षक से कविता सुना रहे हैं| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर @6205435548 पर बात कर सकते हैं,
माँ तो बस माँ होती है, भाषा परिभाषा और तुलनाओं से परे, माँ तो बस माँ होती हैमाँ का होना होता है सबकुछ का होना, माँ का न होना होता है अनंत शून्य का होना
माँ तुम सचमुच अद्भुत होती हो, बच्चों के रोने के पहले तुम रोटी हो
तुम धरती हो सुख भरती हो,बस देना ही जानती हो, सोना चांदी हीरा मोती
अपने बच्चों को ही मानती हो, लेकिन जिन हाथों में निवाला गले से न उतरता था
जिन थपकियों के बिना नींद आँखों में न उतरते थे, पर अफसोस बच्चे अब एक फोन के लिए भी वक्त निकाल नहीं पाते, माँ के रूप मे भगवान तो सबको मिलते हैं पर अधिकतर अभागे उसे पहचान नहीं पाते हैं . .. . .
Posted on: Jun 08, 2022. Tags: BASTAR CG POEM JAGDALPUR MOTHER OF
एक पत्नी अपने पति से कहती है...कहानी-
जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) सुरेश कुमार एक कहानी सुना रहें है:
एक पत्नी अपने पति से कहती है-
सुनों जी जब आप अंग्रेजी शराब-
पी कर आतें हो तो मुझे परी कहतें हो-
और जब देशी शराब पी कर आतें-
हो तो रानी कहकर बुलाते हो...
