अरे सावन महिना आयो रे...सावन गीत-
ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनुपपुर मध्यप्रदेश से कन्हैयालाल केवट के साथ रामनिवास है जो एक सावन गीत सुना रहे है :
अरे सावन महिना आयो रे-
सकी महेंदी ले आओ-
महेंदी ले आओ सकी-
महेंदी ले आओ...
Posted on: Jul 28, 2020. Tags: ANUPPUR MP KANHAIYALAL RAMNIVAS SAWAN GEET SONG VICTIMS REGISTER
नाग पंचमी पर दार्शनिक स्थान केवार सरई के बारे में जानकारी...
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक ऐतिहासिक जगह के बारे में जानकारी दे रहे हैं, ये जगह सिद्ध बाबा केवार सरई के नाम से जाना जाता है, ये स्लोथान सोन नदी और गोडाहरी नहीं के संगम के पास है वहां पर लोग मन्नत मांगने जाते हैं, लोगो की मान्यता है कि उस स्थान पर कई साल पहले एक लकडहारा पेड़ काट रहा था आधा काटने के बाद वह घर चला गया और दूसरे दिन वहां पर आया तो देखा कि वह पेड़ वापस से जुड़ चुका है| वहां पर कई देवी देताओ की प्रतिमा है लोग दर्शन करने आते हैं, भजन कीर्तन करते हैं| नाग पंचमी के दिन लोग उन मूर्तियों में दूध चढ़ाते हैं|
Posted on: Jul 25, 2020. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP SONG STORY VICTIMS REGISTER
नाग पंचमी पर बासुरी की धुन...
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट नाग पंचमी के अवसर पर बासुरी वादक छोटेलाल से चर्चा करते हुये बासुरी की धुन सुनवा रहे हैं, छोटेलाल बासुरी बजाते हैं, देवी देवता के स्थान में पूजा पाठ के समय बासुरी बजाते हैं, ऐसे संदेसो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Jul 25, 2020. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP SONG VICTIMS REGISTER
हड्डी टूटने पर जड़ी से दवा बनाकर देते हैं...
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से छोटेलाल बता रहे हैं वे हड्डी के टूट जाने पर दवा देते हैं, अब तक 50 से अधिक लोगो को दवा दे चुके हैं, पशु और इंसान दोनों के लिये दवा देते हैं, दवा के के बदले में नारियल लेते हैं, इसके बारे में जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9691204016. (AR)
Posted on: Jul 25, 2020. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP SONG STORY VICTIMS REGISTER
चाह नहीं मै सुर बाला के...बाल कविता-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से चांदनी केवट एक बाल कविता सुना रही हैं:
चाह नहीं मै सुर बाला के-
गहनों में गुथा जाऊं-
चाह नहीं मै प्रेमी माला के-
बिंध प्यारी को ललचाऊं-
चाह नहीं सम्राटो केसव पर-
हे हरी डाला जाऊं... (AR)
