अब नही चलत हेछोटे ले टुटे गे मोर जंगार...गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ ( छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक गीत सुना रहा है:
ना रे सुआ न न रे मैना-
कैसन करि बचाबो परान-
जम्मो कोती चकै-चके खेती खारी होगे-
अब नही चलत हेछोटे ले टुटे गे मोर जंगार-
मंगाई मरत हावे करत है खांव-खांव...
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYA LAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
पानी सब्बो पी-पी के तरिया हर अटागे...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हीयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
घाम अइसन घुप के आगी कस जुरथे-
लाल-लाल आँखी ले धुप हा घुरथे-
और ओकर कड़के ले बता काम हा ठनागे-
पानी सब्बो पी-पी के तरिया हर अटागे-
और नवा असन सूप असन पसीना हर झरथे-
चोटी के तवाल कसन भुइयां हर जरथे...
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
तीन रंगो से रंगा है यहाँ की तीन जहाँ-कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
तीन रंगो से रंगा है यहाँ की तीन जहाँ,
तिरंगा के निचे टिका है यहाँ सभी का जान,
ना कोई सिख ईसाई न कोई हिन्दू मुस्लमान,
सभी एक होकर तीनो रंगो का करो सम्मान,
जात पात रंग भेध मिटा कर तिरंगा का करो गुणगान,
तीन रंगो से रंग है यहाँ की तीन जहाँ...
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बैला ला जोते बर फांदे रहें ओहर ढीला गे...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीगढ़ी कविता सुना रहा है :
का मै कहों संगी जम्मो हर नठा गे-
बैला ला जोते बर फांदे रहें ओहर ढीला गे-
कोपर ला फांदे रहें डांडी हर टूट गे-
सुपी ला धरे रहे और हर गुमा गे-
धान ला बुने रहे ओहू हर बगरा गे-
कोदो ला बुने रहे ओहू हर कचरा गे...
Posted on: May 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
नोनी के बेनी मा गुथाये हे मोंगरा के फूल...कविता
ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
मोंगरा के फूल संगी फुट हवय घुला-घूल-
चारो कोती मह्महावत हे रद्दा जाबे भूल-
नोनी के बेनी मा गुथाये हे मोंगरा के फूल-
ऐति ओति मटकत हवे इसकुरगुजी कस धुल-
हर्रा-पर्रा दिखत हावे कियारी मा फूल-
भंवरा मन झूमत हावे अपन रद्दा भूल...
