नोनी के बेनी मा गुथाये हे मोंगरा के फूल...कविता

ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
मोंगरा के फूल संगी फुट हवय घुला-घूल-
चारो कोती मह्महावत हे रद्दा जाबे भूल-
नोनी के बेनी मा गुथाये हे मोंगरा के फूल-
ऐति ओति मटकत हवे इसकुरगुजी कस धुल-
हर्रा-पर्रा दिखत हावे कियारी मा फूल-
भंवरा मन झूमत हावे अपन रद्दा भूल...

Posted on: May 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER