आधा पेट खा के बेटा तोला भर पेट खवाएं गा...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
मोर दुलारू बेटा गा मोर दुलारू बेटा गा-
दस महिना कोख मा धरके तोला मै जन्मायों गा-
अपन लहू ला गोरस बनके तोला मै पियायों-
अपन जिन्दगी ला दांव लगाके तोर जिन्दगी ला सँवारे गा-
आधा पेट खा के बेटा तोला भर पेट खवाएं गा-
मोर बुढ़तकाल के सहारा होबे कहिके पातेयों गा...

Posted on: Sep 20, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

सकालू मांझी हर बड़खा लकड़ी ला फ़ोरत रहिस...छत्तीसगढ़ी कहानी

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कहानी सुना रहे है : सकालू मांझी हर बड़खा लकड़ी ला फ़ोरत रहिस, ओहर लकड़ी के माझरे-माझर मोट ला मारे लकरी कभूच नई फूटे ओहार टूटकाये-टूटकाये फोरेच भर धरिस तबोच ले नई फुटिस अउ डोकरी दाई हर होहिच करा धान ला बगराये रहिस ओला कुकरी मन खाए बर आये डोकरा दादा हर टगनी का धर के होहिच करा बेठे एहिस अउ सारे कुकरी सा सारे कुकरी सा तीर-तीर ला खा डोकरा दादा भगाए बर लगे है ओ लकरी ला फोरेच है तबो ले नई फूटे फिर डोकरा दादा कहे सा सारे कुकरी सा तीर-तीर ला खा...

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

आमा ला खा के लोग बचावत रहिन परान गा...आम पर कविता-

कन्हैयालाल पड़ियारी ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से आम के विभिन्न प्रकार के नाम बताते हुवे कविता सुना रहे हैं, वे कह रहे हैं कारखाने के कारण आम के ये प्रकाश ख़त्म हो रहे हैं :
चंद्री आमा, लोढ़ा आमा, घोलघोली आमा, कच्चा साधी कीरी आमा, पतरलुका आमा, असडिया कपूर आमा, केरा आमा, गिकुवारी आमा, तोतापरी, केसनाही आमा, लेसुन आमा, नगरिन गिरहा, पानी आमा, कठर्री आमा-
आऊ आनी-बानी के नाम गा,
आमा ला खा के लोग बचावत रहिन परान गा-
लोगन काटिन डारा पाना करिन सत्यानाश गा...

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: AGRICULTURE CG KANAHIYALAL PADIYARI MANGO POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

राजा मानिकचंद्र और उनकी पत्नी की कहानी...

बंगाल के राजा मानिकचंद्र की अनेक रानियां थी, किसी रानी से पुत्र नही हो रहा था फिर उसने यमराज की बहन मुक्ता से विवाह किया लेकिन उससे भी पुत्र नही हुआ, तब उसने उसे घर से निकाल घुडसार में रख दिया और प्रतिदिन आधा किलो चावल देने लगा, मुक्ता उस चावल में से भगवान को भोग लगाती थी, ब्राम्हणों को दान देती थी और बचा हुआ खुद खाती थी, एक दिन उसने एक विश्वासपात्र नौकर से अपने पिता के पास अपना हाल बताने संदेश भेजा, राजा रानी मुक्ता का हाल जानकर दुखी हुवे, और नौकर को धन देकर बोले ये बेटी को महल बनाने के लिए दे देना, फिर वह महल बनवाकर अच्छे से रहने लगी, एक दिन राजा वहां आया तो देखकर अचंभित रह गया, राजा के आने पर उसने स्वागत किया, अच्छा व्यवहार किया, सारी बात राजा के पूछने पर बताई, राजा खुश हुआ और रात वही ठहर गया, सुबह राजधानी आ गया, कुछ दिनों बाद मुक्ता गर्भवती हो गई, राजा उसे महल ले आया और पटरानी बनाया|

Posted on: Sep 18, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

कुकरानो की कमी नहीं, हर पांच साल आते हैं...व्यंग्य रचना-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग्य रचना सुना रहे हैं :
कुकरानो की कमी नही हर पांच साल आते हैं-
हर पांच साल में नए-नए परवाने बनाते हैं-
हरी-हरी बंडल दिखाकर हमारे असमत धन छीन जाते हैं-
भोले भाले समझ नही पाते, उनकी चाल-
फंस जाते हैं देख, हरी-हरी नोटो का बंडल-
वादे कसमे भूलकर करते हैं मनमानी-
हम लोग भोले-भाले उनकी चाल कैसे जानी...

Posted on: Sep 18, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SATIRE SONG VICTIMS REGISTER

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