Impact : हैण्डपंप बन जाने और दवा छिडकाव करने से पानी की समस्या हल हो गयी है...
बिछिहर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रामकैलाश कोल गंदे पानी की समस्या से पीड़ित लोगो की समस्या हल होने के बाद की स्थिती से अवगत करा हैं, निवासी हुबलाल और श्यामा बता रहे हैं, गंदे पानी की समस्या थी और हैण्डपंप ख़राब था जो अब ठीक हो चुका है, दवा छिडकाव हो चुका है, हैण्डपंप बन गया है, इसलिये वे मदद करने वाले सभी साथियों और विभागीय अधिकारी को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क नंबर@7354671394.
Posted on: Apr 19, 2020. Tags: IMPACT STORY MP RAMKAILASH KOL REWA SONG VICTIMS REGISTER WATER
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये...गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक गीत सुना रहे हैं:
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये-
महुवा और तेंदू चार भेलवा हा सिरा गये-
आसो के पानी वर्षा धुप नई दिखावे-
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये-
अब नई फरे आमा अमली नई फरे डोरी हो-
बईर सब पका हर किरागे-
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये...
Posted on: Apr 08, 2020. Tags: CG KAILASH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
Impact : राशन की समस्या थी अब मिल गयी है मदद करने वाले साथियों को धन्यवाद...
ग्राम-चंदार, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कैलास कुमार कोल बता रहे हैं कि उन्हें राशन की दिक्कत थी जिस समस्या को उन्होंने सीजीनेट में रिकॉर्ड किया था जिसके बाद उनको राशन मिल गया है इसलिये वे मदद करने वाले सभी साथियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क नंबर@9179476356.
Posted on: Apr 07, 2020. Tags: ANUPPUR IMPACT STORY KAILASH KOL MP PDS SONG VICTIMS REGISTER
पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गाती है...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक कविता सुना रहे हैं:
पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गाती है-
तुम्हे ज्ञात अपनी बोली में यह संदेश सुनाती है-
चिड़िया बैठी प्रेम प्रीती की रीती हमें सिखलाती है-
वह जग के बंदी मानो को मस्ती मंत्र बतलाती है-
वन में कितने पक्षी है सब मिल जुलकर रहते हैं-
रहते जहाँ वही अपनी दुनिया बसाते है...
Posted on: Mar 15, 2020. Tags: CG KAILASH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
नदी को रास्ता किसने दिखाया...कविता-
ग्राम-देवरी, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक कविता सुना रहे हैं:
नदी को रास्ता किसने दिखाया-
सिखाया था उसे किसने-
कि अपनी भावना के वेग को-
उनमुक्त बहने दे-
कि वह अपने लिये खुद खोज लेगी...
