फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...कविता-
ग्राम पंचायत-बम्हनी, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से सुहाना ठाकुर और हनी एक कविता सुना रहे हैं:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित, सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोकों से लो, हिलना, जगत हिलाना-
दूध और पानी से सीखो, मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो, जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो, सबको गले लगाना-
वर्षा की बूँदों से सीखो, सबसे प्रेम बढ़ाना...
Posted on: Feb 15, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGAON POEM SONG VICTIMS REGISTER
सिर पर गंगा बहे नाग काला रहे...गीत-
ग्राम पंचायत-बम्हनी, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से सुखवंदिन एक गीत सुना रही हैं:
सिर पर गंगा बहे नाग काला रहे-
गाने वालो से चंदा उजाला रहे-
सुनने वालो से दीपक उजाला रहे-
सिर पर गंगा बहे नाग काला रहे-
गाने वालो से चंदा उजाला रहे-
सुनने वालो से दीपक उजाला रहे...
Posted on: Feb 15, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGAON SONG VICTIMS REGISTER
हरी डाल पर लगी हुई थी, नन्ही सुन्दर एक कली...कविता-
ग्राम पंचायत-पांडेआठ गाँव, ब्लाक-फरसगांव, जिला-कोंडागाव (छत्तीसगढ़) से मुकेश कुमार नेताम एक गीत सुना रहे हैं:
हरी डाल पर लगी हुई थी, नन्ही सुन्दर एक कली-
तितली उसे आकार बोली तुम लगती हो बड़ी- बड़ी-
अब जागो तुम आंखे खोलो और हमारे संग खेलो-
पहले सुन्दर महक तुम्हारी महके सारी गली-गली...
Posted on: Feb 06, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGAON POEM SONG VICTIMS REGISTER
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ाते जायेंगे...कविता-
ग्राम-चांदागाँव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से आनंद पोटाई, कार्तिक पोटाई, सोमनाथ पोटाई एक कविता सुना रहे हैं :
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ाते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
ईन गड्डो में अच्छे सुंदर पौधे खूब लगायेंगे-
कारागार को साफ रखेंगे गलिया साफ बनायेंगे-
कैसे हमें जीना चाहिये जीकर हम दिखलायेंगे...
Posted on: Feb 02, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO NARAYANPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं...गीत-
ग्राम-इलवाड, पंचायत-गोरगुंडा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से मनको फुनिया एक गीत सुना रही हैं:
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं-
रंग रूप वेश भूषा चाहे अनेक हैं-
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं-
रंग रूप वेश भूषा चाहे अनेक हैं...
