आजा राजा मामा लाया बाजा...बाल कविता-
ग्राम पंचायत-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से प्रीतम सिंह पोया एक कविता सुना रहें है:
आजा राजा मामा लाया बाजा-
कर मामा ढम-ढम नाच राजा छम-छम-
छह साल की छोकरी भर कर लायें टोकरी-
टोकरी में आम है नही बताती दाम है...181920 MT
Posted on: Nov 29, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
व्यंग कथा : "भेड़ें और भेड़िये"-हरिशंकर परसाई-
व्यंग कथा : “भेड़ें और भेड़िये”-हरिशंकर परसाई|
श्रोताओं नमस्कार, “कहानियों का कारवां” कार्यक्रम में आज आप सुनेंगे हरिशंकर परसाई की व्यंग कथा- “भेड़ें और भेड़िये”। कहानी सरकारों, उनके धनकुबेर आकाओं और मेहनतकश वर्ग यानी किसान-मजदूर के बीच के आपसी संबंध को, या यूं कहा जाए कि वर्ग संघर्ष के कुछ बुनियादी नियमों को बड़ी ही आसान भाषा मे समझाती है।
वर्त्तमान किसान आन्दोलन को कुचलने के लिए सरकार ने जिस संवेदनहीनता और अमानवीयता का परिचय दिया है, ये घटनाक्रम भी इस व्यंग कथा द्वारा उठाए हर सवाल को जायज ठहराते हैं| कहानी को अपनी आवाज़ दी है पवन सत्यार्थी ने| कहानी पसंद आए तो इसे अन्य लोगों को भी शेयर करें और कमेन्ट बॉक्स में अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया ज़रूर दें।
Posted on: Nov 29, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
सबको गले लगाते बापू...कविता-
बागीपुरा, जिला-हमीरपुर (उत्तरप्रदेश) से कुश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
बच्चो के थे प्यारे बापू-
सबको गले लगाते बापू-
अच्छी सीख देते बापू-
सत्य अहिंसा अपनाते बापू...(AR)
Posted on: Nov 28, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
बाल कहानी: उल्टा पुल्टा खरगोश... सहकार रेडियो-
श्रोताओं, सहकार रेडियो के कार्यक्रम “बाल चौपाल” में आज आप सुनेंगे एक जापानी लोक कथा जिसका शीर्षक है “उल्टा पुल्टा खरगोश”| इसे लिखा है रिको नाकागावा ने| आवाज़ है जयपुर, राजस्थान से सुनीता जी की| कहानी को हमने साभार लिया है ”नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तक “सुनो कहानी” से| ध्वनि सम्पादन किया है साथी शिल्पी ने| अपनी प्रतिक्रिया हमें कमेन्ट बॉक्स में ज़रूर दें|
https://www.sahkarradio.com/chart/bal-chaupal-ulta-pulta-khargosh/
Posted on: Nov 28, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
सूंड हिला हिला के कहां चले...कविता-
ग्राम- मेंदरी, ब्लॉक-लोहण्डीगुड़ा, जिला- बस्तर राज्य छत्तीसगढ़ से सुनील जी एक कविता सुना रहे हैं:
सूंड हिला हिला के कहां चले-
कान हिलाते कहां चले-
मेरे घर में आओ ना-
हलवा पूरी खाओ ना...
प्यारी जग से न्यारी-
खुशियां देती सारी मां-
चलना सिखाती मां-
सबसे मीठा बोल है मां-
दुनिया में अनमोल है मां-
खाना हमें खिलाती है मां-
लोरी गाकर सुनाती है मां-
प्यारी जग से न्यारी-
खुशियां देती सारी मां...(181872) GT
