सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...कविता-
ग्राम-इतामेटा, पंचायत-बासुर, राउत पारा, जिला-दंतेवाडा, छत्तीसगढ़ से कीर्ति साहू साथ में संगीता एक कविता सुना रहें है:
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै-
जगमग-जगमग हो उज्वल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभीलाषा है,फूलो सा महकू मै-
विभो सा चह्कू गुन्जू सावनो पर कोयल सा कुह्कू मै-
मेरी अभिलाषा है नभ से निर्मल पानी-
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...(181431) GT
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
हरा हरा तोता पेड़ में जाके सोता...कविता-
ग्राम देवरी जिला सूरजपुर राज्य छत्तीसगढ़ से प्रितम कविता सुना रहें हैं:
हरा हरा तोता पेड़ में जाके सोता
मिटा जामुन खाता बड़े मजे से उड़ जाता
ऊपर पंखा चलती हैं नीचे बेबी सोती हैं
सोते सोते भूख लगी खा ले बेटा मूंगफली
मूंगफली में दाना नही हम तुम्हारे मामा नही
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...बाल कविता-
ग्राम पंचायत-कतियारास, जिला-दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ से साई एक कविता सुना रहें है:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित, सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोकों से लो, हिलना, जगत हिलाना-
दूध और पानी से सीखो, मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो, जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो, सबको गले लगाना...(181999) GT
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
कुछ और भी दूँ मन समर्पित तन समर्पित और यह जीवन समर्पित..कविता-
ग्राम-कोटानपुर,जिला-जशपुर,राज्य-छत्तीसगढ़ से सूरदास पैकरा कविता सुना रहें हैं:
मन समर्पित तन समर्पित और यह जीवन समर्पित
चाहता हूँ देश कि धरती तुझे कुछ और भी दूँ
माँ तुम्हारा रीड बहुत हैं मैं अह किन चन
किन्तु इतना कर रहा फिर भी निवेदन
लाऊ थाल में सजा कर भाल जब
कर दया स्वीकार लेना वह समर्पण
गान अर्पित प्राण अर्पित रक्त का कण कण समर्पित
ID (182053)R.M
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
डरा सहमा सा बेटा है एक नन्हा सा...कविता-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
डरा सहमा सा बेटा है एक नन्हा सा-
पक्षी अपने पंखो को दबाये अपने घोसले में-
माँ उसकी आकर सिखाती है उड़ने की कला-
पर वह डरा-डरा सा विश्वाश नही है अपने पंखो पर-
देती है माँ हौसला उसे कोशिश तो कर...(AR)
