सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...कविता-
ग्राम-इतामेटा, पंचायत-बासुर, राउत पारा, जिला-दंतेवाडा, छत्तीसगढ़ से कीर्ति साहू साथ में संगीता एक कविता सुना रहें है:
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै-
जगमग-जगमग हो उज्वल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभीलाषा है,फूलो सा महकू मै-
विभो सा चह्कू गुन्जू सावनो पर कोयल सा कुह्कू मै-
मेरी अभिलाषा है नभ से निर्मल पानी-
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...(181431) GT
