हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं...कविता-
ग्राम-मावाही,पोस्ट-अलीहा,जिला-बाँधा,राज्य उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता
सुना रहें हैं:
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं-
रंग रूप वेशभूषा चाहे अनेक हैं-
बेला गुलाब जुही चम्पा चमेली-
प्यारे प्यारे फूल गुंथे माला में एक हैं-
कोयल कि कहुक न्यारी पपीहे कि टेर प्यारी-
गा रहीं तराना बुबुल राग मगर एक हैं... ID(182231)RM
Posted on: Dec 03, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
वह सवेरा चिड़िया बोली तब बच्चों ने आखें खोली...कविता-
उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
वह सवेरा चिड़िया बोली-
तब बच्चों ने आखें खोली-
अच्छे बच्चें मंजन करते-
मंजन करके खुल्ला करते-
खुल्ला करके मुंह को दोते-
मुंह दोकर करके रोज नहाते-
रोज नहाकर खाना खाते-
खाना खा कर पढ़ने जाते... ID(182115) RM
Posted on: Dec 02, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
कविता
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से राघव प्रताप सिंह साहू एक कविता सुना रहे हैं| अपने गीत संदेशो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Dec 02, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
देश की माटी देश का जल...कविता-
बिहार से भक्त प्रहलाद एक कविता सुना रहे हैं:
देश की माटी देश का जल-
हवा देश की देश का फल-
सरल बने प्रभू सरल बने-
देश के घर और देश के घाट...(AR)
Posted on: Dec 02, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
धूरि भरे अति शोभित श्याम जू...कविता-
ग्राम-मवई, जिला-बाँदा (उत्तरप्रदेश) से सुरेंद्र पाल रसखान कवि की एक कविता सुना रहे हैं:
धूरि भरे अति शोभित श्याम जू-
तैसी बनी सिर सुन्दर चोटी-
खेलत खात फिरैं अँगना-
पग पैंजनिया कटि पीरी कछौटी-
वा छवि को रसखान विलोकत-
वारत काम कलानिधि कोटी-
काग के भाग कहा कहिये हरि-
हाथ सों ले गयो माखन रोटी...(AR)
