दो जंवा दिलो का गम दूरियां समझती हैं...गीत-
खैरागढ़ संगीत विश्व विद्यालय (छत्तीसगढ़) से संतलाल पाठक एक गीत सुना रहे हैं :
दो जंवा दिलो का गम दूरियां समझती हैं-
कौन याद करता है, हिचकियां समझती हैं-
यूं तो सैर गुलशन को कितने लोग आते हैं-
फूल कौन तोड़ेगा डालियां समझती हैं-
दो जंवा दिलो का गम दूरियां समझती हैं-
कोन याद करता है, हिचकियां समझती हैं...
Posted on: Apr 13, 2019. Tags: CG KHAIRAGARH SANTLAL PATHAK SONG VICTIMS REGISTER
उठो नई किरण लिए जगा रही नई उषा...कविता-
ग्राम-धुमाडांड, पोस्ट-गोविंदपुर, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से बसंतलाल अपने साथी अभिकलाल के साथ एक गीत सुना रहे हैं :
उठो नई किरण लिए जगा रही नई उषा–
उठो उठो नई संदेश दे रही दिशा दिशा–
खिले कमल और अरुण तरुण प्रभात मुस्कुरा रहा–
उठो चलो बढ़ो समीर शंख है बजा रहा–
भविष्य सामने खड़ा प्रशस्त पथ बना रहा...
Posted on: Apr 12, 2019. Tags: BASANTLAL CG POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
भोले बाबा, भोले बाबा अब तेरा ही सहारा है...शिव भजन-
ग्राम-पहाड़िया, पोस्ट-उसरा, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार धावी एक शिव भजन सुना रहे हैं :
भोले बाबा, भोले बाबा अब तेरा ही सहारा है-
भोले बाबा की जटाओं में गंगा की धारा है-
भोले बाबा की गले में सर्पो की माला है-
भोले बाबा के हांथो में डमरू और त्रिशूल है-
भले बाबा के कमरों में मृग का छाला है-
भोले बाबा, भोले बाबा अब तेरा ही सहारा है...
Posted on: Apr 07, 2019. Tags: MP SANTOSH KUMAR DHAVI SATANA SONG VICTIMS REGISTER
पिता प्रेम का प्रशासन, पिता रोटी है कपड़ा है माकान है...गीत-
ग्राम-सरईमाल, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक गीत सुना रहे हैं :
पिता प्रेम का प्रशासन-
पिता रोटी है कपड़ा है माकान है-
पिता छोटे से परिवार का बड़ा आसमान है-
पिता आपद है पुत्र अनंत प्यार है-
पिता है तो बच्चो का आये दिन इंतजार है...
Posted on: Apr 03, 2019. Tags: DINDORI MP SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
कौथा दिला अमी कौथा, तुमी यामी जुबे जुगे था तू गोसा ते...बाङ्ला गीत-
ग्राम-पहाड़िया, पोस्ट-उसरा, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार धावी बाङ्ला भाषा एक गीत सुना रहे हैं :
कौथा दिलाम अमी कौथा-
तुमी यामी जुबे जुगे था तू गोसा ते-
फूलो से जामुन बंदू था ते-
कुर से जामुन बंदू था ते-
कौथा दिला अमी कौथा-
तुमी यामी जुबे जुगे था तू गोसा ते...
