ऑफिस में नौकर, घर में सयाना डोकर का बहुत बड़ा महत्व है...कविता-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
ऑफिस में नौकर, घर में सयाना डोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
मित्र के दुःख में रोकर, सब्जी काटो धोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
निद्रा में सोकर, पत्थर में ठोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
खेती में बीज बोकर, किसानी में पाटा कोपर का बहुत बड़ा महत्व है...
Posted on: Jul 15, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
हे जल जब तू आता धरती, हरे भरे हो जाता धरती...कविता-
ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
हे जल जब तू आता धरती, हरे भरे हो जाता धरती-
हे जल जब तू आता धरती, नदी नालो से बाढ़ निकलती-
हे जल जब तू आता धरती, गाय भैस हरा चारा चरती-
हे जल जब तू आता धरती, बोये बीज अंकुरण करती-
हे जल जब तू आता धरती, तुझे देखकर गर्मी डरती-
हे जल जब तू आता धरती, मेढ़क भी टर्र-टर्र करती...
Posted on: Jul 04, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
चलो खेत मा जाबो जी, चलो खेत मा जाबो हां...गीत-
सीजीनेट के साथी कन्हैयालाल केवट एक मौसमी लोक गीत सुना रहे हैं:
चलो खेत मा जाबो जी, चलो खेत मा जाबो हां-
उठ के बड़े बिहनिया, बैला भैसा लेके खेत मा जाबो जी-
सबसे पहिले बैला भैसा ला, पैरा भूसी खिलाबो जी-
अउ डोंगी के पानी मा भईया, काना मिलाके पियाबो जी-
चलो फावड़ा लेके जाबो जी, चलो मेंढ बनाबो हां-
उठ के बड़े बिहनिया, बैला भैसा लेके खेत मा जाबो जी-
रोटी बासी लेके खेत मा आही नोनी के महतारी जी...
Posted on: Jul 02, 2019. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
धरती दाई के अमर है कहानी...गीत-
ग्राम-रामापुरम भद्रादी कोठागुडम (तेलंगाना) से कन्हैयालाल केवट एक स्वरचित छत्तीसगढ़ी भजन सुना रहे हैं :
ये धरती के चंदन माटी, येखर है बड़ा जर छाती-
येही मा जीबो येही मा मरबो, येखर पईयाँ पड़ो दिन राती-
धरती दाई के अमर है कहानी-
येही मा हवे सोना चांदी, येही मा खातू गोबर-
नहीं है कोनो छुआ-छूट सबो है बरोबर-
येही मा हमन खेलबो खाबो, येही मा बिताबो जिंदगानी...
Posted on: Jul 01, 2019. Tags: BHADRADI KOTHAGUDAM KANHAIYALAL KEWAT RAMAPURAM SONG TELANGANA VICTIMS REGISTER
हरी के भजन गाहूँ कहिके, वादा करके आये है...गीत-
ग्राम-रामापुरम भद्रादी कोठागुडम (तेलंगाना) से कन्हैयालाल केवट एक छत्तीसगढ़ी भजन गीत सुना रहे हैं:
हरी के भजन गाहूँ कहिके, वादा करके आये है-
मोर भईया गा मोर बाबू आके माया मा भुलाये-
सुरता कर ले उलटा जब तै, रहे पेट मा माँ के-
करो उद्धार जगत के स्वामी, भजन करों तोर जा के-
कबहूं नई भुलाओं तोला, वादा करके आये है-
मोर भईया गा मोर बाबू आके माया मा भुलाये...
