पर नारी पैनी छोरी... दोहा-
जिला-राजनांदगाव, राज्य-छत्तीसगढ़ से वीरेन्द्र गंधर्व एक दोहा सुना रहे है:
पर नारी पैनी छोरी|
मत कोई लाओ अंग|
रावण के दस शीश गए|
पर नारी के संग| (182670) GM
Posted on: Dec 12, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
मन भौरा रे तू भूल गया...कविता-
कन्हैयालाल पटियारी, ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक कविता सुना रहें है:
मन भौरा रे तू भूल गया-
सुनो भौरा कहा भूल गया-
भटक रहा है इधर-उधर-
मंजिल है तेरा इधर-
पता नही मेरा मंजिल किधर है-
मन भौरा रे तू भूल गया...(182589) GT
Posted on: Dec 11, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
का बर्षा जब कृषि सुकाने तमेछु पुनिका पछताने...कविता-
ग्राम-मवई,जिला-बांधा, राज्य-उतरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
का बर्षा जब कृषि सुकाने तमेछु पुनिका पछताने-
पर उपदेश कुशल बहुतीरे जिया चर हित नर नग मेरे-
कादर मन कहूँ एक आधारा दय दय आलसी पुकारा-
हित यन हित पशु पछ निजाना मानुष तन गुण ज्ञान निधाना-
बिन संतोष काम नसाई काम ही सत सुख सपने हुनाई...(182228)RM
Posted on: Dec 10, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
उन्हें क्या पता जो आलिशान कोनो में रहते...कविता-
जिला-रायगढ़,राज्य-छतीसगढ़ से कन्हैयालाल कविता सुना रहे है:
उन्हें क्या पता जो आलिशान कोनो में रहते-
जो आसमानों की सैर करते है
किसने ईट पत्थरों को तोड़कर
नक्शा ही बदल डाला है
जो खून पसीना को खीच कर
अपना पल पल समय का बलिदान कर
टूटी पुटी झोपडी पर समय बिताते है... ID(182568)GM
Posted on: Dec 10, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
एक जंगल में खरगोस एक कछुआ रहता था...कहानी-
जिला-उमरिया, मध्यप्रदेश से बंधू सिंह एक कहानी सुना रहें है:
एक जंगल में खरगोस एक कछुआ रहता था-
खरगोस बहुत तेज दौड़ता था और अपने-
आप में बहुत घमंड था तेज दौड़ने का-
तभी एक दिन कछुआ खरगोस से बोलता हो-
अरे खरगोस चलो आज हम दौड़ लगाते है-
तभी खरगोस ने बोला सामने पहाड़ी तक दौड़ेगा उसे एक इनाम मिलेगा|(182510) GT
