आप कुछ पोस्ट आफिस में RTI काउंटर में फीस और आवेदन जमा कर रसीद प्राप्त कर सकते हैं...
आप कुछ पोस्ट आफिस में जाकर RTI काउंटर में फीस और आवेदन जमा कर रसीद प्राप्त कर सकते हैं, पोस्ट आफिस की जिम्मेदारी है कि वो आवेदन को संबंधित अधिकारी तक पहुंचाए, इसके अलावा किसी बड़े पोस्ट ऑफिस में जाकर खुले लिफाफे में आवेदन दे सकते हैं, इसमें पोस्टल चार्ज नही देना होता है, स्टाम्प लगाकर डिमांड ड्राफ्ट या पोस्टल आर्डर के साथ आवेदन को लेटर बॉक्स में भी डाल सकते हैं, इस तरह से पोस्ट का खर्च नही देना पड़ता है, इसके लिए आवेदन और आवेदन शुल्क जमा करना होता है, सूचना अधिकार के तहत 10 रुपए का शुल्क लगता है, यदि कोई व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे आता है तो उसे शुल्क भी नही देना पड़ता है, आवेदन और राशनकार्ड की छाया प्रति देनी होती है : के एम भाई@8756011826.
Posted on: Sep 16, 2018. Tags: KANPUR KM BHAI RTI SONG UP VICTIMS REGISTER
वाह रे जनतंत्र, वाह रे जनतंत्र...कविता
कानपूर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे हैं :
वाह रे जनतंत्र, वाह रे जनतंत्र-
भैस की पूंछ पकड़कर-
चलने की आदत हो गई-
अब तो जीत भी लोकतंत्र पर-
आफत हो गई-
अभी-अभी पता चला कि-
अभी वो तितुर से गुलाम हो गई है-
चलो एक बार फिर से-
दुनिया बहाल हो गई है-
अब तो झंडे नारे की दूकान-
फिर से खुशहाल हो गई है...
Posted on: Sep 05, 2018. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER
सूचना का अधिकार: आप सरकारी कार्यालयों में जनता के हितो से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं...
सन 2005 में आंदोलनो के बाद कश्मीर को छोड़कर भारत के सभी राज्यों में लागू किया गया था, जिसे भारत का कोई भी नागरिक अपने कार्य से संबंधित जानकारी जानने के लिए इस्तेमाल कर सकता है, सूचना का अधिकार अंतर्गत सरकारी कार्यालयों में जनता के हितो से जुड़ी जानकारी, कार्यों का निरीक्षण, सरकारी अभिलेखों, रिकार्डों को जांचने एवं प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने का अधिकार सूचना के अधिकार में शामिल है, इसे इलेक्टानिक माध्यम, कागजी माध्यम दोनों से प्राप्त किया जा सकता है, RTI से संबंधित जानकारी या सुझाव के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं, संपर्क नंबर@9838775508, 8756011826.
Posted on: Jul 05, 2018. Tags: KANPUR UP KM BHAI RTI SONG VICTIMS REGISTER
तूम तोड़ो तुम बाटो तुम रोको...कविता-
जिला-कानपूर उत्तरप्रदेश से के एम् भाई कविता एक सुना रहे है:
तूम तोड़ो तुम बाटो तुम रोको-
हम जोड़ेगे हम फिर खड़े होंगे-
हम फिर चलेंगे नारे भी लगेंगे झंडे भी गड़ेंगे-
नारे भी लगेंगे झंडे भी लहरायेंगे-
अपने अधिकारों के लिए-
हम फिर आवाज उठायेंगे...(184402)
