ओस की बूँद-सी होती है बेटियां...प्रेरणादायक विचार-
सुरेश कुमार बड़वानी, मध्यप्रदेश से बेटियों के लिए कुछ लाइने सुना रहे हैं -”ओस की बूँद सी होती है बेटियां, फर्श खुरदुरा हो तो रोती है बेटियां, रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को दो-दो कुलों की लाज को ढोती है बेटियां, हीरा है अगर बेटा तो मोती है बेटियां औरों के लिए फूल ही बोती है बेटियां, मिट्टी में मर-नीर सी होती है बेटियां, घर की शान होती है बेटियां, माँ-बहन, पत्नी का फ़र्ज निभाती है बेटियां, इस कुल को आगे बढाती है बेटियां, सोना है अगर बेटा तो चांदी है बेटियां,बेटे को अच्छा खाना खिलाते हैं तो बेटियों को जूठन, बेटियां हो तो गृहस्थी को सजाती है, बेटियां हो तो दूसरों के आँगन की लाज बन जाती है, ओस की बूँद सी होती है बेटियां, इस फर्श खुरदुरा हो तो रोती है बेटियां”|
Posted on: Mar 16, 2021. Tags: BADWANI MP POEM SURESH KUMAR
एक गरीब परिवार की कहानी...
जिला-बड़वानी मध्यप्रदेश से सुरेश कुमार एक कहानी बता रहे है, एक गावं में गरीब परिवार का एक व्यक्ति रहता था| और उसका एक बेटा था वो गरीब होते हुए भी मजदूरी करके अपने बेटे को पढ़ाता था |उसका बेटा पढ़ लिख कर बड़ा अधिकारी बन गया और वह शहर में रहने लगा | एक दिन वह अपने बेटे के घर मेहमान गया | उसके घर में मेहमान आये हुए थे | उन मेहमानों ने उस अधिकारी से पूछा की यह कौन व्यक्ति आये हुए अधिकारी ने बोला यह तो मेरे रिश्तेदार है |यह बात सुन कर वापस घर लौट आया |इस कहानी का यह तात्पर्य है की किसी भी अवस्था में हो हमे माँ बाप का तिरस्कार नहीं करना चाहिए |
Posted on: Mar 13, 2021. Tags: BADWANI HINDI STORY MP SURESH KUMAR
बुद्धिमान बीरबल -कहानी
जिला-बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी बता रहे हैं|
बुद्धिमान-बीरबल, एक बार बादशाह अखबर ने अपने दरबरियो से एक अजीब सा प्रश्न पूछा| ऐसी क्या चीज है जिसे चाँद और सूरज नही देख सकते| सभी दरबारी चुप थे उन्हें उत्तर नहीं मालूम था| कुछ देर सोच कर बीरबल बोले अँधेरा जहाँपना| अकबर उसके उत्तर से बहुत खुश हुए| पर वो अपने दरबारियों की कुछ और प्रश्न पूछ कर परीक्षा लेना चाहते थे| इसलिए उन्हेंने जमीन पर एक लकीर खिंच कर पूछा दोनों किनारों से मिटाए बिना ये लकीर छोटी कैसे की जा सकती है| दरबारी फिर से चुप रह गए| आखिर कोई बिना किनारा मिटाए लकीर को छोटा कैसे कर सकता है| और बीरबल के पास उसका भी हल था उसने धीरे से बादशाह से लकड़ी ली और पहली लकीर के समान्तर एक और लकीर खीँच दी, यह लकीर पहली लकीर से बड़ी थी| फिर वो बादशाह से बोले लीजिए अब आपकी लकीर छोटी हो गयी| (184335)GT
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: BADWANI MP STORY SURESH KUMAR
समय की कीमत...कहानी-
विकासखण्ड-सेंधवा, जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी सुना रहे हैं, समय की कीमत एक वर्ष इसकी कीमत उस धरती से जिसने वर्ष भर रात दिन मेहनत की किन्तु अंतिम परीक्षा में अमुक्तियाँ हो गया, इनकी कीमत पुछियें समाचार पत्र संपादक से, इसके कीमत पूछिये ये मजदूर से जो अकेला कमाने वाला हो और उसे एक दिन काम ना मिला हो, उसकी कीमत पूछिये जिसका माँ अंतिम सांसे जिन्दा हो उसे माँ से मिलना हो, अथात प्रयास करने के बाद उसे पहले पहुचने के बाद बस छुट चुकी होती है|
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: BADWANI MP STORY SURESH KUMAR
बच्चो के लिये जनरल नॉलेज...
जिला-बड़वानी मध्यप्रदेश से सुरेश कुमार जनरल नालेज बता रहे है:
1.देश के वीरो को दिया जाने वाला वीरता पुरष्कार परम वीर चक्र यह वीरता का सबसे बड़ा पुरष्कार है,यह सम्मान उन वीर सिपाहीयों को दिया जाता है जिन्होंने जल थल एवं वायु में देश के दुश्मनों के खिलाफ अपने साथी को बचाने के में बहादुरी का परिचय दिया है |
2.महावीर चक्र वीरता के लिए मिलने वाला ये दूसरा बड़ा सम्मान है, थल समुद्र हवा में दुश्मन का सामना करने में दिखाई वीरता के लिए पुरष्कार दिया जाता है |
3.वीर चक्र दुश्मन से वीरता से लड़ने का यह तीसरा अवार्ड है ,दुश्मन को परस्त करने के लिए बनाये वियान में दिखाई वीरता के लिए यह अवार्ड दिया जाता है |
4.अशोक चक्र थल,जल ,वायु में सेवारत रहते हुए दुश्मन के किलाफ साहसी से देश के लिए कार्य के लिए यह अवार्ड दिया जाता है |
5.कृति चक्र यह चक्र पहले अशोक चक्र कहलाता था इसे वायु सेना के पहले प्राप्त करते थे|यु ऐ डी क्रूज जिनों ने दुश्मन कैद में रहकर सारा जुल्म चाहे पर अपना सर नहीं झुकाया |
6.शौर्य चक्र यह भी वीरता के लिए दिया जाने वाला पदक है ,असल में कृति और शौर्य चक्र भी अशोक चक्र के दो अन्य वर्ग है 1967 के बाद इन्हें नया नाम दिया गया है |
