मोर महतारी के कोरा ला...गीत-
कन्हैयालाल पडियारी ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक छत्तीसगढ़ी लोक गीत सुना रहे हैं :
मोर महतारी के कोरा ला-
कहाँ आउ पाऊं गा संगी-
मोर महतारी सर्ग कास लागे गा संगी-
महतारी के कोरा मा खेली के बढ़हे गा संगी-
महतारी के अचरा हा बादर कस लगेगा संगी-
महतारी के गोट हा अमृत कस लगेगा संगी...
Posted on: Sep 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
महुवा के डरा मा फादे ह्वो झुलवा...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक गीत सुना रहे हैं:
महुवा के डरा मा फादे ह्वो झुलवा-
तै झुलत रहिवे झुलवा हो मोर फुलवा रानी-
किसिम – किसिम के गावत रहिबे-
बैठे – बैठे झुलत रहिबे झुलवा मा – ले के जाबे दोपहरिया मा – नहीं करबे हिजगा जोरी देवर ननद के कनाम-
सास ससुर ला मनके रहिबे कहना...
Posted on: Aug 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हरियर धन झुराय लागिस, कमी हो गये पानी के...कविता-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं:
हरियर धन झुराय लागिस-
कमी हो गये पानी के-
देख के कर्लाथे किसान के जीव-
उपराज मारे जाथे किसान के-
हरियर धान झुरात हवे-
कमी होई गये पानी के...
Posted on: Aug 13, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
लहरों ने लूट लिया हमारे आन बान...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
लहरों ने लूट लिया हमारे आन बान-
लहरों ने ही लूट लिया हमारे ऊँची शान-
लहरों ने ही लूट लिया हमारे अमूल्य जान-
कहीं अति कहीं सूखा, कहीं असमान खुला-खुला-
कही जल मग्न हो, लोगों को यह खा भूखा-
जूझ रहे कुदरत के कहर, गरीब अमीर बुद्धि जीवी भी...
Posted on: Aug 09, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
तोला बंदो ओ दाई तोला बंदो ओ... देवी वंदना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक देवी वंदना सुना रहे हैं :
तोला बंदो ओ दाई तोला बंदो ओ-
तमनार के काली बन्दिन तोला बंदो ओ-
करिया पटिया चढ़ के आबे गाव भर मा किंदरबे ओ-
दुःख दण्ड ला दूर भगाबे लई क मन ला रखबे ओ-
जरिया के झरिया गोसाईन तोला बंदो ओ-
रात के पूजा पाबे दाई, गांव बर ला रखबे ओ...
