Today's news from newspapers in Gondi : 5th September 2018...
झारखंड से ईसाई बनाने के लिए पंजाब लाए जाते हैं बच्चे, 4 बरामद, 10 की तलाश जारी-नेशनल-
मध्यप्रदेश:आदिवासी संगठन जयस का ऐलान, विधानसभा चुनाव में 80 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार- न्यूज़ 18-
छत्तीसगढ़ : स्कूली बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए अंडे और दूध देने का प्रस्ताव- नईदुनिया-
छत्तीसगढ़ : अटल विकास यात्रा का 5 सितंबर से आगाज, भाजपा के शाह डोंगरगढ़ में दिखाएंगे हरी झंडी-दैनिक भास्कर – बस्तर : भोरमदेव सेंचुरी के काेर एरिया को अबूझमाड़ बनाना चाहते हैं नक्सली- दैनिक भास्कर-
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: GONDI NEWS RAMESH KUNJAM
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना...बाल कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे है:
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना-
मेरे घर के छप्पर में आकार उसे ना उजाड़ना-
बड़ा महंगा पड़ता है, फिर उनको संवारना-
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना-
बंदर मामा बंदर मामा-
केले बाड़ी में तुम न आना – मेरा केला के बाड़ी में आकर-
उन्हें तुम न उजाड़ना-
बड़ा महंगा पड़ता है उन्हें फिर लगाना-
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG CHILDREN KANAHIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मेरे गाँव में मोबाईल नेटवर्क की समस्या है, शिकायत करने के बाद भी कोई अधिकारी नहीं सुनते हैं...
ग्राम पोस्ट-चोरबरी, तहसील-रघुराजनगर, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से विक्रम सिंह का कहना है कि उनके गाँव में अभी भी मोबाईल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है, अगर मोबाइल में बात करना है तो आपको गाँव के बाहर जाना पड़ता है और इससे सभी ग्रामीणों का बहुत सारा काम बाधित होता है इस संबंध में कई बार शिकायत भी किया गया है लेकिन अभी तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ है, भारत को डिजिटल इंडिया का नाम देने वालो पर शर्म की बात है, कृपया इन अधिकारियों से बात कर हम ग्रामीणों की मदद करे: सुचिष्मिता सक्सेना अपर कलेक्टर@9826065425, बलवीर रमन एस. डी. एम.@9425192835. विक्रम सिंह@9755459664
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: MOBILE NETWORK MP RAGHURAJNAGAR SATNA SONG VICTIMS REGISTER VIKRAM SINGH
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे...कविता
ग्राम पंचायत-ताड़वेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अनीश कुमार और नवीन कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
इन गड्ढे में अच्छे सुन्दर पौधे खूब लगायेंगे-
घर आँगन को साफ रखेंगे गलियाँ साफ़ बनायेंगे-
कैसे जीना हमें चाहिए जीकर हम दिखलायेंगे...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG GANESH AYAM HINDI KANKER KOELIBEDA POEM SONG VICTIMS REGISTER
ओरछा गाँव का नाम कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी (गोंडी)
ग्राम-ओरछा, पंचायत-इरपानार, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से दुर्गुराम कवाची (सरपंच) उनके ओरछा गाँव का नाम कैसे पड़ा उसके बारे में गोंडी में बता रहे है कि बहुत समय पहले उनके गाँव के आसपास पूरा जंगल था वहां पर 10-12 घर थे और ओरछा के पेड़ सबसे ज्यादा थे लेकिन वहां पर सरकार ने पूरे ओरछा के पेड़ कटवा दिए तो फिर वहां पर जनसँख्या बढ़ने लगी और उन्ही पेड़ो के कारण उस गाँव का नाम ओरछा रखा गया और यह जानकारी उनके गाँव के बुजुर्गो के माध्यम से मिली |आदिवासी गाँव अक्सर उनके आसपास पाए जाने वाले प्राकृतिक वस्तुओं पर रखे जाते हैं ओरछा को गराड़ी या गर्रा या विषफल भी कहते हैं घरों में बल्ली और खेतों में बागड़ की तरह यह उपयोग में लाया जाता है
