छा गयी मायूसी हर गलियाँ हर चौबारे पर...नशा मुक्ति कविता-

ग्राम-नवलपुर, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से अनुराधा बुनकर एक नशा मुक्ति कविता सुना रही हैं:
छा गयी मायूसी हर गलियाँ हर चौबारे पर-
लोगो ने अपने हालत बदल डाले-
नशे की पड़ी एसी आदत इनको-
जीने के अपने अंदाज बदल डाले-
दे रहा है भारत अपनी तरक्की की मिशले-
युवा कर कर नशे का व्यापार-
लुप्त हो संस्कृति हमारी, जिसका था हमें गुमान... (AR)

Posted on: Jun 26, 2020. Tags: ANURADHA BUNKAR CG MUNGELI POEM SONG VICTIMS REGISTER

वृद्धावस्था पेंशन के लिये 5 साल से आवेदन दे रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है...

ग्राम-नवलपुर, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से चंद्रिका बाई बुनकर बता रही हैं, वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रहा है, उन्होंने इसके लिये कई बार आवेदन किया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है, 5 साल से आवेदन कर रहे हैं लेकिन काम नहीं हो रहा है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रही हैं कि अधिकारियों से बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें : संपर्क नंबर@8720822286.

Posted on: Jun 25, 2020. Tags: CG CHANDRIKA BAI BUNKAR MUNGELI OLD AGE PENSION SONG VICTIMS REGISTER

मंदिर, मस्जिद बंद कराकर...कविता-

ग्राम-नवलपुर, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से नेहा बुनकर एक कविता सुना रही हैं:
मंदिर, मस्जिद बंद कराकर-
लटका विद्यालय पर ताला-
सरकारों को खूब भा रही-
धन बरसाती मधुशाला-
किचन सिंह की एसी तेसी-
बंद रहेंगे मंदिर मस्जिद-
खुली रहेगी मधुशाला...

Posted on: Jun 21, 2020. Tags: CG MUNGELI NEHA BUNKAR POEM SONG VICTIMS REGISTER

रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है...कविता-

ग्राम-नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली छत्तीसगढ़ से निशु बुनकर एक कविता सुना रही है:
रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है-
चाँद का उगना भाता है तारो की बारात सुहाती है-
फूलो से सवकर चांदनी धरा पे जैसे आई हो-
नदियों ने सागर से मिलकर जैसे प्यास भुजाई हो-
सागर की मोजो पर बहार सी छा जाती है-
रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है...

Posted on: Jun 14, 2020. Tags: NISHU BUNKAR POEM SONG VICTIMS REGISTER

दिन का उजाला रात्रि का अंधकार है...कविता

ग्राम-नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली छत्तीसगढ़ से निशु बुनकर एक कविता सुना रही है उसका शीर्षक है : बलात्कारी
दिन का उजाला रात्रि का अंधकार है-
करके चीत्कार ऊँची स्वर में-
मैं रोती हूँ कि हो रहा बलात्कार है-
हमसे इस युग पर सच व् ईमानदारी का-
सत धर्मो के उसूलो का, हमारे संस्कारो का-
पारिवारिक मूल्यों का और हम-
कलयुग के अनगिनत बहीमूर्खो कुम्भकरण-
पाषाण जिगर लिए गली गली देख रहे है, देख रहे है...

Posted on: Jun 07, 2020. Tags: MUNGELI CG NISHU BUNKAR POEM SONG VICTIMS REGISTER

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