रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है...कविता-
ग्राम-नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली छत्तीसगढ़ से निशु बुनकर एक कविता सुना रही है:
रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है-
चाँद का उगना भाता है तारो की बारात सुहाती है-
फूलो से सवकर चांदनी धरा पे जैसे आई हो-
नदियों ने सागर से मिलकर जैसे प्यास भुजाई हो-
सागर की मोजो पर बहार सी छा जाती है-
रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है...
