स्वास्थ्य स्वर : टीबी बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहेंगी, तहसील-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा आज हमें टीबी बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, इसे क्षय रोग के नाम से भी जाना जाता है, जो व्यक्ति टीबी बीमारी से ग्रषित हो, वे अडूसा के फूलो का चूर्ण 10 ग्राम और मिश्री 10 ग्राम दोनो को मिलाकर एक गिलास दूध में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें, लगातार 6 माह तक सेवन करने से आराम मिल सकता है, अडूसा के पत्ते का प्रयोग खांसी में भी किया जा सकता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA MUNGELI SONG SWASTHYA SWARA TB VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: पेट में कीड़े होने पर आडूसा से घरेलू उपचार...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आडूसा के पौधे से घरेलू उपचार बता रहे हैं: आडूसा हमारे आस-पास ही पाया जाने वाला औषधीय पौधा है, ये उदर कृमि (पेट में कीड़े) हों तो आडूसा के पत्तों के रस में मधु (शहद) मिलाकर सेवन करने से कृमि नष्ट होकर बाहर निकल जाते हैं, जिससे पीड़ित को आराम मिलता है, किसी व्यक्ति को चर्म रोग दाद,खाज-खुजली हो तो इसके 20 पत्ती को 10ग्राम हल्दी के चूर्ण गौ मूत्र में मिलाकर लेप करने से तत्काल आराम मिलता है, इसके अतिरिक्त अधिक उल्टी (वमन) होने पर इसके पत्तियों के रस में शहद के नीबू का रस मिलाकर सेवन करने से लाभ मिलता है| यह सभी अपने घर में भी कर सकते हैं:
वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 10, 2018. Tags: MP RAGHVENDRASINGH RAI SONG SWASTHYA SWARA TIAKMGARH VICTIMS REGISTER
लाज बचाओ कृष्ण मुरारी...संगीतमय कृष्ण भजन-
ग्राम-तमनार, जिल-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक संगीतमय भजन सुना रहे हैं :
लाज बचाओ कृष्ण मुरारी-
बीच भवर में आन फसी है, नईया मोरी डगमग डोले-
पार लगाओ चरण बिहारी-
तुम बिन और ना दूजो कोई-
लाज बचाओ कृष्ण मुरारी...
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: BHAJAN CG GEET RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
खटमल रानी खटमल रानी मेरे घर पर न आना...बाल कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं:
खटमल रानी खटमल रानी मेरे घर पर न आना-
मेरे घर पर आकर तुम मेरे बिस्तर में न चढ़ना-
मेरे खाट पर चढ़कर तुम घर न बनाना-
बड़ा आफत आती है तुम्हारा घुस कर काटना-
नींद नही आती है पड़ता है खुजलाना-
बच्चे मेरे रोते हैं करके खुजली का बहाना-
फोड़ा-फुंसी होता है तुम्हारा जो काटना-
डाक्टर घर जाना पड़ता है, पड़ता खजाना लुटाना...
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: CG CHILDREN KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : तालमखाना या अश्वगंधा के पौधे का औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हमें तालमखाना या अश्वगंधा के पौधे का औषधीय गुण बता रहे है कि तालमखाना के पत्तो को पीसकर के लेप करने से संधि शूल (जोड़ो के दर्द) में लाभ होता है ताकत बढ़ाने के लिए तालमखाना के बीज और कौंच के बीज दोनों को पीसकर के चूर्ण बना ले और 1 चम्मच चूर्ण 1 चम्मच मिश्री के साथ मिला करके सुबह शाम सेवन करे चूर्ण खाने के बाद ऊपर से 1 गिलास दूध पी ले इससे बल पाप्त होगा लेकिन कौंच का बीज मिलाने से पहले उसको गाय के दूध में उबाल ले और बीज का छिलका निकाल कर पीसकर मिलाएं | राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
