हम सबको रहता है जिसका इंतजार वह बसंत ऋतु आ जाती है...कविता-
भोपाल (मध्यप्रदेश) से सुनील सेन बसंत ऋतु के बारे में कविता सुना रहे हैं:
धरती एक बार फिर से देखो मुस्कुराती है-
हम सबको रहता है जिसका इंतजार-
वह बसंत ऋतु आ जाती है-
बसंत पंचमी के दिन-
जिस दिन सरस्वती पूजा जाती है-
समझो उसी दिन से धरती पर बसंत ऋतु आ जाती है...(AR)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: POEM
तू घबराना नही वक्त भी आती नही कभी...कविता-
जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता कविता सुना रहे हैं:
तू घबराना नही कभी-
मौत मुड़ कर आती नही कभी-
तू घबराना नही वक्त भी-
आती नही कभी-
बस स्मृति से रह जाती तू-
तू अपनी बिछली कहानी भूल मत...(AR)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: POEM
चकई कचक दुम गाँव की बगिया फूल चुने हम तुम...कविता-
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र प्रताप सिंह एक कविता सुना रहे हैं
चकई कचक दुम चकई कचक दुम-
गाँव की मडईया साथ रहे हम तुम-
चकई कचक दुम चकई कचक दुम-
दूध पिये हम तुम-
चकई कचक दुम चकई कचक दुम-
गाँव की बगिया फूल चुने हम तुम-
कागज की नईया पार करे हम तुम...(AR)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: POEM
हरी किरण भरी किरण लाल मोती जड़ी की...कविता-
ग्राम पंचायत-मोहाली (पंजाब) से वेजकुमार माधव एक कविता सुना रहे है:
हरी किरण भरी किरण-
लाल मोती जड़ी की-
दिशाला होड़े कड़ी की-
राजा की राज में नहीं-
माली की बाग में नहीं...(GM)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: POEM VEGKUMAR MADHAV
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश...देश भक्ति कविता-
जिला-राजनंदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गन्धर्व कविता सुना रहे है:
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश-
भाईचारे का यन्त्र रहे सदा हमारा देश-
लेना सीखे कम और देना सीखे ज्यादा-
दुनिया को सिखाए शिष्टता सभ्यता और मर्यादा-
मोहब्बत का मंत्र रहे सदा हमारा देश-
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश...(184324)
