हम सबको रहता है जिसका इंतजार वह बसंत ऋतु आ जाती है...कविता-
भोपाल (मध्यप्रदेश) से सुनील सेन बसंत ऋतु के बारे में कविता सुना रहे हैं:
धरती एक बार फिर से देखो मुस्कुराती है-
हम सबको रहता है जिसका इंतजार-
वह बसंत ऋतु आ जाती है-
बसंत पंचमी के दिन-
जिस दिन सरस्वती पूजा जाती है-
समझो उसी दिन से धरती पर बसंत ऋतु आ जाती है...(AR)
