बोल सको तो मीठा बोलो...कविता-

ग्राम-धनहा, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से रमेश कुमार कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं:
बोल सको तो मीठा बोलो-
कडुवा बोलना मत सीखो-
कमा सको तो पुन्य कमाओ-
पापा कमाना मत सीखो-
लगा सको तो पेड़ लगाओ-
आग लगाना मत सीखो-
जला सको तो दीप जलाओ-
ह्रदय जलाना मत सीखो-
मिटा सको तो अहंकार मिटाओ-
प्यार मिटाना मत सीखो...

Posted on: Mar 08, 2021. Tags: MP POEM RAMESH KUMAR SIDHI

कागज का नोट है कागज का पैसा भईया...कविता-

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश से सुशील कुमार महिला दिवस पर संदेश दे रहे हैं और कविता सुना रहे हैं, “कागज का नोट है कागज का पैसा भईया” |
कागज का नोट है-
कागज का पैसा भईया-
नियत में खोट है-
चलो भईया गांव के नगरिया...

Posted on: Mar 08, 2021. Tags: POEM PRAYAGRAJ SUSHIL KUMAR UP

कागज के ये नोट है बाबू...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक कविता सुना रहे हैं:
कागज के ये नोट है बाबू कागज के नोट-
कागज की है माया इनकी-
नियत में है खोट बाबू-
चले गाँव की ओर-
साचे के ये रंग अनेक-
जैसी करनी वैसी भरनी चले शहर की ओर... (AR)

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG POEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA

मोर टोपी सिंघईया कहां गये...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता अपने वैवाहिक जीवन के 33 वी वर्षगांठ पर एक कविता सुना रहे हैं:
मोर टोपी सिंघईया कहां गये-
मोर भाषण देवईया कहां गये-
11 लाख रूपया के मोटर मा चढ़ के-
गरीबी हटईया कहां गये-
मोर बैरी ला खोजत हवो-
मोर दुश्मन ला खोजत हवो... (AR)

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG POEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA

कबीरा खड़ा बाजार में...कविता-

प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) से सुशील कुमार कविता सुना रहे हैं:
कबीरा खड़ा बाजार में-
मांगे सब से खैर-
न कहू तो दोस्ती-
न कहू तो भय... (AR)

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: POEM SUSHIL KUMAR UP

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