वनांचल स्वर: इनकी ग्राम पंचायत में कोई भी आश्रित ग्राम नहीं है-

ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि उनके गांव से सभी लोग जंगल पर आश्रित हैं। इनकी ग्राम पंचायत में कोई भी आश्रित ग्राम नहीं है।
उनके गांव में हलबा और गोंड जनजाति के लोग रहते हैं। संपर्क@8839492918. (185603) GT

Posted on: Feb 15, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR

वनांचल स्वर- लॉकडाउन में दिया वन ने साथ...

ग्राम-चाहचड़, तहसील-दुर्गुकोंद्ल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से संतराम सलाम बताते हैं कि लॉकडाउन के समय जीवनयापन करना मुश्किल था, भोजन उपलब्ध नहीं था बहुत तकलीफ थी। महुआ ही था उसी से दो तीन प्रकार की चीज़ जैसे लाटा भूंज, और सब्जी बनाकर उसमें सरई का बीज डालते थे। जब महुआ खत्म होने लगा तब कोलियारी, हवाली भाजी, खट्टा भाजी बनाया जाता था। जब नमक, मिर्च खत्म होने लगा तब व्यापारी से बात करके गांव में उपलब्ध करवाया गया। हम लोगों ने हर्रा, बेहड़ा खाया और काफी सारे बच भी गया था, तब हमने व्यापारियों को गांव बुलाकर बेच दिया। हमें जो पैसे मील थे उनसे हमने जरूरत का सामान खरीदा। हम लोग जंगल से भाजी, चेरोटा, करोल, बांस और कढ़ी का छोटा छोटा पौधा लेकर आए।
संपर्क@7647070617. (185579) GT

Posted on: Feb 15, 2021. Tags: CG KANKER SANTRAM SALAM VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: वन वनवासी और शासन...

ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) नवल सिंह सोरी बताते हैं साजा के पेड़ से हम लोग पूजा करते हैं। सरई के पेड़ से धूप निकलते हैं। महुआ से शराब बनाते हैं। टोरी का तैल बनाते हैं और दिया भी जलाते हैं। धनेली में जंगल की स्थिति बहुत खराब है। हम लोगो ने सब पेड़ों को बचा कर रखा हुआ था लेकिन शासन उसको काट कर ले जा रहा है, हरे पेड़ो को भी काट रहे हैं जैसे सागौन, कर्रा जब यह बड़े हो जाते हैं तो इनसे बल्लियां बनाई जाट हैं। वनवासी वृक्षारोपण भी करते हैं, और वो यह भी कहते है जल, जंगल और जमीन बचाओ। वृक्षारोपण करते और वनों की रक्षा भी।(RM)

Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER NAVAL SORY VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: सरकार बेहतर से बेहतर पेड़ जंगल में लगा रही है ...

ग्राम- हाटकर्रा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला- उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंवर सिंह पुजारी बीते सालों में वन संपदा में आने वाले बदलाव के बारे में बताते हैं। उन्होंने बताया कि पेड़ों की कटाई नहीं हो रही है। अब गांव वालों को लकड़ी मिलना भी बंद हो गया है और सरकार बेहतर से बेहतर पेड़ जंगल में लगा रही है। सरकार सागौन और नीलगिरी जैसे पेड़ों को लगवा रही है। प्रशासन सड़क बनाने के लिए कुछ पेड़ों की कटाई कर रहा है।

Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER KUWANR SINGH VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: हमें जंगले से सागौन, ईमली, आम आदि मिल जाता था...

ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील- कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुकार राम बताते हैं कि 20 साल पहले जंगल काफी अच्छा था। जंगल से फल-फूल भी अच्छे से मिल जाता था। जिस शासन को जंगल को संभालने की ज़िम्मेदारी मिली है वह अपना काम ठीक से नहीं करते। पहले जंगल से सागौन, ईमली, आम आदि मिल जाता था। शासन अब जंगल का घेराव कर रहा है, जिसके कारण इनमें से कुछ नहीं मिल पाता। अब जंगल से जलाने के लिए लकड़ी भी नहीं मिलती। सम्पर्क@6268921280. (185599) GT

Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER SUKAR RAM VANANCHAL SWARA

« View Newer Reports

View Older Reports »