वनांचल स्वर: वन वनवासी और शासन...
ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) नवल सिंह सोरी बताते हैं साजा के पेड़ से हम लोग पूजा करते हैं। सरई के पेड़ से धूप निकलते हैं। महुआ से शराब बनाते हैं। टोरी का तैल बनाते हैं और दिया भी जलाते हैं। धनेली में जंगल की स्थिति बहुत खराब है। हम लोगो ने सब पेड़ों को बचा कर रखा हुआ था लेकिन शासन उसको काट कर ले जा रहा है, हरे पेड़ो को भी काट रहे हैं जैसे सागौन, कर्रा जब यह बड़े हो जाते हैं तो इनसे बल्लियां बनाई जाट हैं। वनवासी वृक्षारोपण भी करते हैं, और वो यह भी कहते है जल, जंगल और जमीन बचाओ। वृक्षारोपण करते और वनों की रक्षा भी।(RM)
