जयराम हरि कोई ठीक जरी बूटा ये पाकली गरी...हल्बी गीत-
ग्राम-पांडेगुडा, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से पददे सिंह एक गीत सुना रहे है :
जयराम हरि कोई ठीक जरी बूटा ये पाकली गरी-
बूटा के बूटा बूटा के पाकली पाकली बरी-
तुमि गयी का्य -का्य तोगा गोदावरी इ लगे रली सारी-
हा री ततो राय हा ततो रि आय-
गंगा मुड्ले जातो राय एबे एतो राय...
Posted on: Feb 04, 2020. Tags: BOLA BAGHEL CG GONDI JAGDALPUR SONG VICTIMS REGISTER
लालच लोभ से हटकर अपने मत का सही उपयोग करें...
ओमप्रकाश बघेल बता रहे हैं छत्तीसगढ़ में पंचायत सुनाव चल रहा है इसलिये वे मतदाता जागरूकता अभियान के तहत सभी संदेश दे रहे हैं कि सभी मतदाता निपक्ष होकर अपने मत का सही उपयोग करें, लालच लोभ से हटकर अपना मत करें, जिससे पंचायत और देश का विकास हो |
Posted on: Jan 04, 2020. Tags: AWARENESS OMPRAKASH BAGHEL SONG VICTIMS REGISTER
गांव गली खेतो में मिट्टी...कविता-
बाघझर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से धन्नू बघेल एक कविता सुना रहे हैं :
गांव गली खेतो में मिट्टी-
बाहर मिट्टी घर में मिट्टी-
टप टप बूंद पड़ी तो महकी सोंधी सोंधी मिट्टी-
मिट्टी से घर बने हैं कितने-
मिट्टी पर लोग खड़े हैं कितने-
दिन भर फूल खिलाती मिट्टी-
सबका बोझ उठाती मिट्टी...
Posted on: Dec 15, 2019. Tags: ANUPPUR DHANNU BAGHEL MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
Narayanpur Bultoo (Bluetooth) Radio in Hindi language: 12th Dec 2019…
Today Keerti Sahu and Bhola Baghel presenting Bultoo Radio in Hindi Language, In this latest edition of Bultoo radio discussing issues from Chhattisgarh Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now, this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Dec 12, 2019. Tags: KEERTI SAHU BHOLA BAGHEL NARAYANPUR BULTOO RADIO SONG VICTIMS REGISTER
बलमा मोर बलमा रे, मोर मयारू बलमा है हाय...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कुण्डी, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से घंसुराम बघेल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
बलमा मोर बलमा रे, मोर मयारू बलमा है हाय-
ये जहुरिया खाले किरिया, माया मोरे झन भुलाबे रे-
अंधरा के आंखी चिरई के पाखी तय मोरे रानी रे-
मझधार मा डोंगा झन भुलबे नही माय मर जाहू रे-
सपना तोर मोर सपना रे, दिन रात सताथे ना-
ये जहुरिया खाले किरिया, माया मोरे झन भुलाबे रे...
