बिना राम रघुनंदन अपनो कोउ नईया रे...भजन गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) से राजकुमार काछी एक भजन गीत सुना रहे हैं :
कोयलिया बोली रे, अमवा के डार अपनो कोई नईया रे-
बिना राम रघुनंदन अपनो कोउ नईया रे-
बाग लगाये बगीचा लगाये और लगाये केला रे बालम-
जिस दिन राम प्राण निकल गयो रह गयो चांम अकेला-
अपना कोई नहींआ रे-
बिना राम रघुनंदन अपना कोई नहींआ,
कोयलिया बोली रे...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: JABALPUR MP RAJKUMAR KACHHI SONG VICTIMS REGISTER
धरती पर रहने का सबको हक है...कविता-
ग्राम-देवरी, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
धरती पर रहने का सबको हक है-
सबसे बेहतर हो पंचायती की सरकार-
बच्चे महिलायें पायें इसमे अधिकार-
बेटी बेटा पढ़ते रहें, समय-समय पर आगे बढ़े-
गली तो हमारा हो ऐसा, जितना कम उतना पैसा...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गैस की समस्या का घरेलू उपचार-
ग्राम-घोंघा, थाना-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से भगतराम लांजित गैस की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं | मसूर दाल 100 ग्राम और 30 ग्राम अजवाईन दोनों को अलग-अलग भून लेना है| दोनों को कूटकर पीस लें| उसके बाद हल्का सेंधा नमक मिला लें| अलसी के तेल में मिलाकर छोटी-छोटी गोली बना लें| सुबह-शाम लगातार सेवन करने से आराम हो सकता है| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : भगतराम लांजित@7389964276.
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: BHAGATRAM LANJIT CG HEALTH KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
जोड़, घटाव, गुणा मै खोजू, अथवा खोजू शेष में...कविता-
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
जोड़, घटाव, गुणा मै खोजू, अथवा खोजू शेष में-
सत्य अहिंसा खोज रहा हूँ, गांधी जी के देश में-
मेरे प्यारे देश बता दे गांधी जी का देश कहां-
तुम्ही बताओ क्या करना है आज के इस परिवेश में-
जहां भूखे नंगे रहते हों, क्या गांधी जी का देश यही-
घोटालो का चोंच मरता क्या गांधी जी का देश यही...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: CG HEMSINGH MARKAM KABIRDHAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
सौ बात रहने अटरिया सपन देख...बघेली लोक गीत-
ग्राम-खजुहा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विजय कुमार कुसवाहा जो आँखों से देख नहीं सकते एक बघेली लोक गीत सुना रहे हैं :
सौ बात रहने अटरिया सपन देख-
देखूं सपन के, देखूं हो-
बबुवा सपने है बाकी-
बतावे सपनवा सुंदर सपनवा-
सुन्दर हो...
