उपजाऊ शक्ति कम होती है इसलिये जैविक खाद का उपयोग करना शुरू कर रहे हैं...
गजानंद बता रहे हैं कि वे खेती करते हैं, वे खेती के हल और बैल का उपयोग करते हैं, खेती में उपज के उरिया का उपयोग करते हैं, अब धीरे धीरे राशायानिक खाद का उपयोग कम कर रहे हैं और दूसरो को भी इसके बारे में जानकारी देते हैं, राशायानिक खाद से भूमि की उपजाऊ क्षमता कम होती है और मिट्टी कड़ी होती है, ऐसे उपज का उपयोग करने से तरह तरह की बीमारी होती है, इसलिये अब वे जैविक खाद का उपयोग वापस से करने लगे है| (AR)
Posted on: Jun 20, 2020. Tags: GADCHIROLI KANHAIYALAL KEWAT MH SONG STORY VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : शारीरिक कमजोरी को ठीक करने में बिदारी कंद का उपयोग...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल बिदारी कंद का उपयोग बता रहे हैं, बिदारी कंद के 6 ग्राम चूर्ण को लेकर, 10 ग्राम घी में मिलाकर मिश्रण बना लें और 250 ग्राम दूध में मिलाकर उबाल लें, उसके बाद मिश्री मिला लें, अब इसका उपयोग कर सकते है, स्वास्थ्य संबंधी लाभ हो सकता है| संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
Posted on: Jun 20, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
हम सिहाड़ी बीज उबालकर खाते है<उसके जड़ से रस्सी बनाते हैं...माड़िया भाषा
नगर पंचायत-भामरागड जिला-गडचिरोली (महाराष्ट्र) से संतोष परसा सिहाड़ी बीज के बारे में बता रहे हैं सिहाड़ी बीज जंगल में मिलता है ये एक साल गैफ करके फलता है इसका फल छोटा-छोटा फल होता है कच्चा खाने से कडुआ लगता है इसे बीन कर लाते है लाकर उबालकर या भूँजकर भी खाते हैं इसके जड़ का रस्सी बनाया जाता है जिससे देन्दु पत्ती बाँधते है इसका रस्सी मजबूत होता है और भी काम आता है:संपर्क नम्बर @9423534885 (170027) CS
Posted on: Jun 20, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH SANTOSH PARSA STORY
अरे उंच नीच का रोग जहाँ...गीत-
ग्राम-सरई, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक गीत सुना रहे हैं:
अरे उंच नीच का रोग जहाँ-
उस देश की गाथा गाता हूँ-
भारत में रहने वालो की, मै दोगली बात बताता हूँ-
है भगवानो के कई नाम यहाँ मूर्ति पूजी जाती है-
मंदिर में जाने वालो की जाती भी पूछी जाती है... (AR)
Posted on: Jun 20, 2020. Tags: DINDORI MP SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
कल तक संग्राम था पाकिस्तान से...कविता-
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
कल तक संग्राम था पाकिस्तान से-
आज संग्राम है चीन से-
जब सबको पता है-
मिट्टी में मिलने के लिये थोड़ी सी जगह चाहिये-
किसी का रिश्ता नहीं ढेर सी जमीन से-
आज संग्राम है चीन से-
एकता के फूल टूट गये, आज ह्रदय के दाग से... (AR)
