पिया बिन सेज मोर सुना हो रामा पिया नहीं आये...गीत-

मालीघाट, जिला-मुज्जफरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक चैतावर गीत सुना रहे हैं :
पिया बिन सेज मोर सूना हो राम-
पिया नहीं आये-
फागुन रंग अबिर नीर बेला-
सरद बसंत बीती जइयो हो रामा-
पिया नहीं आये-
पापी पपीहा पिया-पिया बोले – शब्द सुनै ब ओ रामा, पिया नहीं आये...

Posted on: Jul 23, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

वहा ना हिन्दू मरा था न मुस्लमान मरा था...गीत-

ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार गीत सुना रहे है :
वहा ना हिन्दू मरा था न मुस्लमान मरा था-
वहा मजहब के नाम पर, फ़क्त इन्सान मरा था-
सड़को बहा खून जो, महज सुर्ख लाल था-
ये बता भी न सका की, वहा कौन मरा था-
दंगो के कफन ओड़कर, वहा नाची थी सियासत-
जो उनमे से मरा था कहा सैतान मरा था-
वहा ना हिन्दू मरा था न मुस्लमान मरा था-
वहा मजहब के नाम पर, फ़क्त इन्सान मरा था...

Posted on: Jul 22, 2019. Tags: BIHAR KUMAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL VICTIMS REGISTER

जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने, भारत ने मेरे भारत ने...देश भक्ति गीत-

जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं :
जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने, भारत ने मेरे भारत ने-
दुनिया को तब गिनती आयी-
तारों की भाषा भारत ने, दुनिया को पहले सिखलायी-
देता ना दशमलव भारत तो, यूँ चाँद पे जाना मुश्किल था,
धरती और चाँद की दूरी का, अंदाज़ा लगाना मुश्किल था-
सभ्यता जहाँ पहले आयी, पहले जनमी है जहाँ पे कला-
अपना भारत वो भारत है, जिसके पीछे संसार चला...

Posted on: Jul 22, 2019. Tags: ANUPPUR MP RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

मेरी अभिलाषा है...कविता-

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से श्वेता कुमारी एक कविता सुना रही है :
सूरज सा चमकू मै, चंदा सा चमकू मै-
जगमग उज्जवल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभिलाषा है-
फूलो सा महकूँ मै, विहागो सा चहकू मै-
कुंचित सा वन उपवन-
कोयल सा कुह्कुं मै, मेरी अभिलाषा है...

Posted on: Jul 21, 2019. Tags: CG KABIRDHAM POEM SHWETA KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

मेरा एक सवाल...कविता-

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से स्वेता कुमारी एक कविता सुना रही है :
एक चौपाल है वहां पर कुछ लोग बैठे हैं-
तभी गीत की आवाज उमड़ रही है-
चूं चूं,चूं चूं चिड़िया चहकी-
मह मह, मह मह खुशिया महकी-
पर्वत पिता ने लाली खोली-
भारत माता बेटो से बोली...

Posted on: Jul 20, 2019. Tags: CG KABIRDHAM POEM SONG SWETA KUMARI VICTIMS REGISTER

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