मेरी राय है दोनों पक्षों से बात करने से हिंसा को रोका जा सकता है (गोंडी में)...
ग्राम+पंचायत-बुर्गुम, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ जगत सिंह मंडावी बस्तर हिंसा को कैसे ख़तम किया जाए उस पर अपने विचार रख रहे है और बोल रहे है कि हम गाँव के सब लोग शांति चाहते है हमे दोनों पक्षों से बात करके जो हिंसा हो रही है उसका समाधान निकल सकता है | ऐसा उनका विचार है | संपर्क नम्बर@6268441317.
Posted on: Aug 24, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 1
मेरे अनुसार दोनों पक्षों से बात करके विचार विमर्श करके हिंसा का समाधान हो सकता है...(गोंडी में)
जिला-छिन्दवाडा मध्यप्रदेश से दिनेश वट्टी अपनी राय बता रहे है कि नक्सली हिंसा को कैसे रोका जाए है | तो उनका कहना है कि जैसा कि हमने पहले ही जिक्र किया कि नक्सलवाद अन्याय और गैर बराबरी के कारण पनपा है। देश में फैली सामाजिक और आर्थिक विषमता का एक नतीजा है यह आंदोलन। बात चाहे छत्तीसगढ़ के बस्तर और सुकमा की करें या ओडिशा की इसमें ज्यादातर आम नागरिक ही मारा जा रहा है | उनका मानना है की दोनों पक्षों से करके एक मंच में लाया जाए और आम नागरिक की तरह उस पर विचार किया जाए और जो हिंसा हो रही है उस पर बात किया जाये | संपर्क नम्बर@9407829662.
Posted on: Aug 24, 2020. Tags: PEACE SURVEY GONDI 3
दोनों पक्षों को मिलकर बात करने से ही शांति संभव हो सकता है (गोंडी में)
ग्राम-बागमुंडी पनेड़ा ब्लाक-बस्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से मुन्नी कवासी अपनी विचार बता रहीं है, दादा-दादी सभी देश एंव बस्तर वासियों हम सभी को आपस में झगड़े नहीं करना है हम सभी को मिल-झूल रहना हैं, इस विषय पर मैं बोलना चाह रहीं हूँ- इस युध्द में बहुत ही लोगों ने अपनी जान गवाएँ हैं परन्तु अब हमें नहीं लड़ना हैं, इस युद्ध के विषय में हमें एक मंच में आकर शांति पूर्वक बैठकर विचार विमर्श करें जिसे दोनों पक्षों में संतोषजनक फैसला लिए जाए इस प्रकार करने से ही बस्तर हिंसा में शांति आ सकती है. 9340217242
Posted on: Aug 24, 2020. Tags: PEACE SURVEY GONDI
दोनों पक्षों को मिलकर एक मंच में बैठकर बात करने से रास्ता निकल सकता है (गोंडी में)
ग्राम पंचायत-बागमुंडी पनेड़ा, ब्लाक-बस्तानार, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से आशा राम कोवासी गोंडी भाषा में बता रहे हैं की आज के युग में हमारें भारत देश के छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिला में हुई लगभग 12000 हजार से भी अधिक लोगों की और भी उसे अधिक लोग अपनी जान गवायें है इस हिंसा को लड़ाई को कैसे रोका जा सकता है. नियम कानून बनाकर या फिर एक मंच में आकर विचार विमर्श करे. तभी ये संभव हो सकता है| ऐसा मेरा विचार है |
Posted on: Aug 24, 2020. Tags: PEACE SURVEY GONDI
मेरे हिसाब से सरकार और नक्सलियों को दोनों पक्षों को मिलकर बात करना चाहिए तभी हिंसा रुक सकता है...
नेगीगुडा, जगदलपुर, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से राजू राणा बता रहें है कि बस्तर में हिंसाए काफी सालों से चल रहा है ये हिंसा पुलिस और नक्सली के नाम से ज्यादा तर बस्तर के जो पुराने इलाके है जिसमे सुखमा बीजापुर दंतेवाडा नारायणपुर कोंडागांव जगदलपुर कांकेर ये सभी जिले सामिल है जिसे पुराने बस्तर के नाम जानते है बस्तर का ज्यादा तर हिसे नक्सली और पुलिस के नाम से कई तरह का हिंसाए हो रही है जिससे आम पब्लिक मारे जाते है निर्दोष ग्रामीण मजदूरी करने वाले खेती करने वाले किसान ऐसे लोग कंही न कंही शिखर होते है पढने वाले विद्यार्थीयो को मुखबिर के नाम से मार दिया जाता है तो कभी नक्सली है बोलकर मार दिया जाता है | तो उनका सुझाव है कि सरकार और मावादियो का सहमती हो और उस पर बात हो तभी हिंसा ख़तम हो सकती है |
