मेरे हिसाब से सरकार और नक्सलियों को दोनों पक्षों को मिलकर बात करना चाहिए तभी हिंसा रुक सकता है...
नेगीगुडा, जगदलपुर, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से राजू राणा बता रहें है कि बस्तर में हिंसाए काफी सालों से चल रहा है ये हिंसा पुलिस और नक्सली के नाम से ज्यादा तर बस्तर के जो पुराने इलाके है जिसमे सुखमा बीजापुर दंतेवाडा नारायणपुर कोंडागांव जगदलपुर कांकेर ये सभी जिले सामिल है जिसे पुराने बस्तर के नाम जानते है बस्तर का ज्यादा तर हिसे नक्सली और पुलिस के नाम से कई तरह का हिंसाए हो रही है जिससे आम पब्लिक मारे जाते है निर्दोष ग्रामीण मजदूरी करने वाले खेती करने वाले किसान ऐसे लोग कंही न कंही शिखर होते है पढने वाले विद्यार्थीयो को मुखबिर के नाम से मार दिया जाता है तो कभी नक्सली है बोलकर मार दिया जाता है | तो उनका सुझाव है कि सरकार और मावादियो का सहमती हो और उस पर बात हो तभी हिंसा ख़तम हो सकती है |
