मेरे अनुसार दोनों पक्षों से बात करके विचार विमर्श करके हिंसा का समाधान हो सकता है...(गोंडी में)
जिला-छिन्दवाडा मध्यप्रदेश से दिनेश वट्टी अपनी राय बता रहे है कि नक्सली हिंसा को कैसे रोका जाए है | तो उनका कहना है कि जैसा कि हमने पहले ही जिक्र किया कि नक्सलवाद अन्याय और गैर बराबरी के कारण पनपा है। देश में फैली सामाजिक और आर्थिक विषमता का एक नतीजा है यह आंदोलन। बात चाहे छत्तीसगढ़ के बस्तर और सुकमा की करें या ओडिशा की इसमें ज्यादातर आम नागरिक ही मारा जा रहा है | उनका मानना है की दोनों पक्षों से करके एक मंच में लाया जाए और आम नागरिक की तरह उस पर विचार किया जाए और जो हिंसा हो रही है उस पर बात किया जाये | संपर्क नम्बर@9407829662.
