क्या फुल चढाऊं मैं प्रभु की चरणों में...मसीह गीत-
खैरागढ़, जिला-राजनंदगाँव छत्तीसगढ़ से शशिकला तिग्गा एक मसीह गीत सुना रही है:
क्या फुल चढाऊं मैं प्रभु की चरणों में-
कहाँ कैसे क्या उपहार दूँ मैं समझ न पाऊं-
मुझे बता दे प्यारे प्रभु क्या पसंद है मेरे प्रभु-
उसे तोड़ लाऊं तेरे लिए, उसे तोड़ लाऊं तेरे लिए-
मेरा ये जीवन तुझको समर्पण करती हूँ मैं प्रभु तेरे लिए...
Posted on: Jul 17, 2020. Tags: ISHU SONG RAJNANDGAON CG SHASHIKALA TIGGA SONG VICTIMS REGISTER
कृष्ण आप बसे वृन्दावन में...भजन गीत-
खैरागढ़, जिला-राजनंदगाँव छत्तीसगढ़ से रेखा मुंडे एक भजन गीत सुना रही है:
कृष्ण आप बसे वृन्दावन में-
मेरी उम्र बीत गई गोकुल में-
कृष्ण वृक्ष सडक पर बगिया लगा देना-
बगिया घुमुंगी अकेले जरा आ जाना-
कृष्ण आप बसे वृन्दावन में...
Posted on: Jul 16, 2020. Tags: BHAJAN SONG RAJNANDGAON CG REKHA MUNDE SONG VICTIMS REGISTER
मानव हो रहा है बेरहम...कविता-
जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व कोरोना को लेकर एक कविता सुना रहे हैं:
मानव हो रहा है बेरहम-
कोरोना के नाम पर ढाय जा रहे हैं सितम-
घटनायें हो रही हैं शर्मसार-
मनुष्य से छुड़ाया जा रहा है संसार-
कोरोना के नाम पर बढ़ रही हैं नफरतें-
दूषित हो रहीं हैं हसरतें...(AR)
Posted on: Jul 15, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
गुलामी नहीं करनी चाहिये...कहानी-
जिला-राजनांदगाँव छत्तीसगढ़ से विरेन्द्र गंधर्ब एक कहानी सुना रहे हैं:
बहुत समय की बात है जब एक दिन स्वामी विवेकानंद भ्रमण के लिये निकले तो वे एक गाँव में पहुंचे, उन्होंने देखा कि कुछ महिलायें कुआ के पास पानी भरने के लिये खड़ी हैं लेकिन पानी नहीं भर रही हैं, तब विवेकानंद उनके पास गये और पूछा तुम लोग पानी क्यों नहीं भर रहे हो, महिला ने उत्तर दिया, पानी का रहट हटाने के बाद पानी लेना पड़ता है और उसे हम नहीं उठा सकते हैं पहलवान आयेगा तो उठायेगा, स्वामी जी बोले गाँव में और कोई पुरुष नहीं है जो इसे उठा सकता है, महिला ने कहा पुरुष है लेकिन उसका काम कोई और करे तो उसका अपमान हो जायेगा, जिस पर वे बोले ये तो गुलामी है और उन्होंने रहट उठाकर सबको पानी दे दिया और महिलायें चली गयी, तभी पहलवान आया है और बोलने लगा आपने मेरा काम करके मेरा अपमान किया है और आपको मुझसे लड़ना पड़ेगा, तब स्वामी जी बोले पानी भरने के लिये पहलवान की आवश्यकता नहीं होती है उसे तो कोई भी कर सकता है लेकिन पहलवान नहीं माना, तब स्वामी जी ने एक रुमाल भिगोकर दिया और कहा इसे निचोड़ो इसमे एक बूंद पानी नहीं बचना चाहिये, पहलवान उनकी बात मानकर रुमाल निचोड़ा लेकिन रुमाल में पानी बच ही जाता तो उसने हार मान लिया| (AR)
Posted on: Jul 15, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHRV
बेल तरी बेलन, बेलन तरी डोर...ददरिया गीत-
रेखा मुंडे थाना-खैरागढ़, जिला-राजनंदगाँव, छत्तीसगढ़ से ददरिया सुना रही है:
बेल तरी बेलन, बेलन तरी डोर-
आँहु डोगरी मा, सजन भाई मोर-
जान पाहि मोला, ले जाही राजा तोला...
