जीवन पथ पर चलना हमको शिक्षक हैं बताते...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कविता सुना रहे हैं:
जीवन पथ पर चलना हमको शिक्षक हैं बताते-
न्याय और अन्याय का मतलब शिक्षक ये समझाते हैं-
बालक जैसी गिली मिट्टी शिक्षक कुमार बन जाते हैं-
एक के न्याय पे चाक को रखकर सुंदर कलम बन जाते हैं-
जग में शिक्षक न होते तो सोंचो फिर क्या होता-
पड़ी ही रहती बंजर भूमि बीज फिर कौन बोता...(AR)

Posted on: Apr 25, 2021. Tags: BARWANI MP POEM SURESH KUMAR

वह ममता की आवाज थी जिसने बेटा बोला...कविता-

ग्राम-तुमडा,भोपाल (मध्यप्रदेश) से सुनील सेन एक कविता सुना रहे हैं:
पलकों को जब जब हमने था खोला-
वह ममता की आवाज थी-
जिसने बेटा बोला-
जब कभी भी मुझको भूख प्यास सताती-
वो जाती मेरे लिये खाना लेकर आती-
मेरे अपने गाँवो में मै फलता था ममता की छाँव में...(AR)

Posted on: Apr 25, 2021. Tags: BHOPAL MP POEM SUNIL SEN

समय का महत्त्व...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कविता सुना रहे हैं:
एक साल से उस व्यक्ति से पूछों-
जो वार्षिक परीक्षा में फेल हो गया है-
एक महिने का महत्त्व-
उस माँ से पूछों जो बच्चे को जन्म देती है...(AR)

Posted on: Apr 22, 2021. Tags: BARWANI MP POEM SURESH KUMAR

कागज से लिखी हुई गजल बकरी चबा गई...कविता-

रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार चंद्राकर एक कविता सुना रहे हैं:
कागज से लिखी हुई गजल-
बकरी चबा गई-
चर्चा पूरे शहर में हुई-
की बकरी शेर खा गई...(AR)

Posted on: Apr 15, 2021. Tags: ANMOL KUMAR CG CHANDRAKAR POEM RAIPUR

रंग रंगीले कितने सारे फूल खिले बगिया में प्यारे...कविता-

प्रतापगढ़ (उत्तरप्रदेश) से प्रियांश एक कविता सुना रहे हैं:
रंग रंगीले कितने सारे-
फूल खिले बगिया में प्यारे-
इनकी खुशबू बड़े निराली-
इन पर घूमे तितली प्यारी...(AR)

Posted on: Apr 14, 2021. Tags: POEM PRATAPGARH PRIYANSH UP

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