वर्षा आई वर्षा आई घने-घने बादल लाई...कविता-
प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मानमती मरावी एक कविता सुना रही हैं :
वर्षा आई वर्षा आई घने-घने बादल लाई-
गरजे बादल चमके बिजली पानी की बौछारे पड़ते-
नदी, तालाब, खेत भर जाते सभी किसान खुश हो जाते-
कार्तिक में दिवाली आई वर्षा गई तो सर्दी आई-
ठंडी हवा लगे है बहने कपडे गर्म सभी ने पहने-
गेहू चना शुरू है बुवाई जैसे हरियाली देखे है...
Posted on: Sep 15, 2019. Tags: CG MANMATI MARAVI POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
हिमालय की गुफाओं से यही आवाज आती है...देशभक्ति गीत-
जिला-मुंगेर, प्रखण्ड-असरगंज (बिहार) से दीपक कुमार एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं:
हिमालय की गुफाओं से यही आवाज आती है-
ये धरत किसकी खून से आज लाल हो गई-
जागो नव जवान, जागो नव जवान-
देश आज जाग उठा है वक्त की आवाज से-
दिल भी आज दहल उठा शेर की दहाड़ से-
कितनी माँ की लाल इस धरा पे मिट गये-
नापाक इस धरा पे किसके पैर आ पड़े-
जागो नव जवान जागो नव जवान...
Posted on: Sep 15, 2019. Tags: BIHAR DEEPAK KUMAR MUNGER SONG VICTIMS REGISTER
मोर महुवा उतरी गये...ददरा गीत-
ग्राम-साहपुर, पोस्ट, तहसील-त्योथर, थाना-सोहागी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विनीत कुमार यादव एक दादरा गीत सुना रहे हैं :
अरे निबिया करे के नऊवा हो-
मोर महुवा उतरी गये-
जेठ न जागे देवरनिया न जागे-
न जागे लहुरी ननदिया हो-
मोर महुवा उतरी गये-
अरे जेठ न जागे, देवरवा न जागे-
न जागे मोर बलमवा हो, मोर महुवा उतरी गये...
Posted on: Sep 14, 2019. Tags: MP REWA SONG VICTIMS REGISTER VINIT KUMAR YADAV
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है...कविता-
ग्राम-डभौरा, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से पार्थ प्रताप सिंह एक देशभक्ति कविता सुना रहे हैं:
दे शलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है-
सर हमेशा ऊँचा रखना जब-तक दिल में जान है-
एक सैनिक ने क्या खूब कहा है-
किसी गजरे की खुशबू को महकता छोड़ आया हूँ-
अपनी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ-
मुझे छाती से अपने तू लगा लेना ऐ भारत माँ-
मै अपनी माँ के बांहों को तरसता छोड़ आया हूँ...
Posted on: Sep 14, 2019. Tags: MP PARTH PRATAP SINGH REWA SONG VICTIMS REGISTER
काबर छोड़े मया डाल के करेला पान...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोटया, थाना-प्रतापपुर, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
काबर छोड़े मया डाल के करेला पान-
नवा सड़क में रेंगे कुकरा का गा-
तोर नाव ला छिपा के लेहेच लुगरा गा-
काबर छोड़े मया डाल के करेला पान-
काबर छोड़े मया डाल के करेला पान...
