कहाँ जी फुले चम्पा चमेली...सुग्गा गीत-
आश्रित ग्राम-लडूवापारा, पंचायत-बेदमी, विकासखंड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से इन्द्रासो नेताम के साथ रुकमनी, पुष्पा, राधिका, ज्योति वे लोग एक सुग्गा गीत सुना रहे है:
कहाँ जी फुले चम्पा चमेली-
मोर सुगाना जी कहाँ जी फूले-
राजा राम सुग्गा कहाँ फूले गोंदा फूल-
झरिया में फूले चम्पा चमेली-
मोर सुगाना जी कुआ बाड़ी में फूले...
Posted on: Feb 07, 2019. Tags: CG HINDI INDRASO NETAM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे...कविता
ग्राम पंचायत-ताड़वेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अनीश कुमार और नवीन कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
इन गड्ढे में अच्छे सुन्दर पौधे खूब लगायेंगे-
घर आँगन को साफ रखेंगे गलियाँ साफ़ बनायेंगे-
कैसे जीना हमें चाहिए जीकर हम दिखलायेंगे...
Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG GANESH AYAM HINDI KANKER KOELIBEDA POEM SONG VICTIMS REGISTER
संविधान जलाने की घटना के विरोध में प्रदर्शन: आरक्षण ने दबे कुचलों को आगे आने मौक़ा दिया है...
मुज़फ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार को जन आन्दोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के कार्यकर्ता शाहिद कमाल बता रहे है कि 9 अगस्त को जंतर मंतर दिल्ली में कुछ जातिवादी और आरक्षण विरोधी समूहों द्वारा संविधान जलाने की घटना को लेकर पूरे देश में संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत एक दिवसीय धरना कार्यक्रम किया गया है l कार्यक्रम का उद्देश्य है कि आरक्षण का विरोध और संवैधानिक अधिकारों का हनन करना बंद किया जाये साथ ही सरकार के लोग संविधान की शपथ लेने के बाद संविधान के खिलाफ बयानबाज़ी करते रहते है जिससे संविधान बिरोधी ताकतों को आगे बढने में सहयोग मिलता है आरक्षण ने दबे कुचले लोगों को आगे आने का मौक़ा दिया है संविधान के इस प्रावधान का हम समर्थन करते हैं
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: BIHAR HINDI MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सोना कहे सोनार से क्या खैचेगा मोय... दोहा
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडीयारी एक दोहा सुना रहे है:
सोना कहे सोनार से क्या खैचेगा मोय-
एक दिन ऐसा आयेगा मै खैचूंगा तोय-
अर्थात : सोना को सोनार खीचते हुए देखता है, तो सोना अपने मन में कहता है तू क्या मुझे खिचेगा, मैं एक दिन तुझे ऐसा खैचूंगा कि तू इस सृष्टि में फिर आ भी ना सकेगा...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG HINDI KANAHIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
जन्म मरण के साथी, साथी हमारे, जा से नहीं बिछ्डू दिन राती...भजन गीत
संतोष कुमार ग्राम-सरई, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से हारमोनियम के साथ एक गीत सुना रहे हैं :
जन्म मरण के साथी, साथी हमारे – जन्म मरण के साथी हमारे-
जा से नहीं बिछ्डू दिन राती हमारे – हां देखे बिना चलन पडत है जानत है मेरी छाती –
उच्च चढ़, चढ़ कर पंथ निहारु रोवे अखियां राती –
ये संसार सकल जग झूठे, झूठे कुल और नाती – दोउ कर जोडीया आज करू मैं, चुनले तेरे मेरे बाती...
