सांचा एक राम मेरे मन उपवन में...गीत-
ग्राम-गारे, विकासखण्ड तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से समीर सिदार एक गीत सुना रहे हैं:
सांचा एक राम, सांचा एक राम-
मेरे मन उपवन में इस जन जीवन में-
कब होगा सबेरा, राम जाने मेरे राम जाने-
मैंने ये देखा है फूल खिलते हैं-
पांव में भंवर गुनगुनाते है-
मेरे मन उपवन में इस जन जीवन में...
Posted on: Sep 17, 2019. Tags: CG RAIGARH SAMIR SIDAR SONG VICTIMS REGISTER
गाँव में 5 माह से टीकाकरण के लिये नर्स नहीं आ रही हैं, आवेदन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं...
ग्राम-डंगनी, पंचायत-महामाई, थाना-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से बृजराम गोंड बता रहे हैं, उनके गाँव में 5 माह से टीकाकरण के लिये नर्स नहीं आ रही हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चो को टीकाकरण नहीं लग रहा है, गाँव से चिकित्सालय 20 किलोमीटर दूर है, जिससे लोग वहां नहीं जा पाते, उन्होंने इस समस्या के निराकरण के लिये अधिकारी के पास आवेदन किया, लेकिन कोई कारवाही नहीं हो रही है, इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरो पर बात कर समस्या को हल कराने में मदद करें : सुपरवाइजर@7697781354. संपर्क नंबर@9098794688.
Posted on: Sep 17, 2019. Tags: BRIJRAM GOND CG MUNGELI PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
पहिल पहिल स्कूल गयेन...बघेली कविता-
ग्राम, पोस्ट-पडरी, तहसील-सिरमौर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) रमेश प्रसाद यादव एक बघेली कविता सुना रहे हैं:
पहिल पहिल स्कूल गयेन, जब कापी मोड़ो का ना जानी-
गये पाछी बडिका लीहे, गठियाय रोटी औ पानी-
तो बईठ गयेन लाईन मा, बढ़िया पोल्थी मारे-
सरस्वती के मंदिर मा नहींन गयेन सहारे-
पंडित जी एक डंडा लीहिन, लागिन हमी पढावे-
या मेर के अक्षर बनवा, ढंग से लगिन बतावें...
Posted on: Sep 17, 2019. Tags: MP POEM RAMESH PRASAD YADAV REWA SONG VICTIMS REGISTER
कबूतर एक पक्षी का नाम ख़त पहुँचाना इसका काम...कविता-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक कविता सुना रहे हैं :
कबूतर एक पक्षी का नाम ख़त पहुँचाना इसका काम-
प्यारा-प्यारा है खरगोश सबसे न्यारा है खरगोश-
गमले में है फूल खिला तितली इन पर डेरा डाले-
कितना सुंदर है ये घर हम सब रहते हैं इसके अंदर-
चुन्नू चमचम लेकर आओ चम्मच से तुम चम्मच को खाओ-
छतरी मेरे मन को भाये वर्षा से यह मुझे बचाये...
Posted on: Sep 17, 2019. Tags: ANUPPUR LALLU KEWAT MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
काली कोयल बोल रही है...लोकगीत-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक लोकगीत सुना रहे हैं:
काली कोयल बोल रही है डाल-डाल पर डोल रही है-
कुहू-कुहू कर गीत सुनाती कभी नहीं मेरे घर आती-
सुंदर और सजीला आम, कितना रंग रंगीला आम-
सब के मन को भाता आम,कितना रंग रंगीला आम-
काली कोयल बोल रही है डाल-डाल पर डोल रही है-
कुहू-कुहू कर गीत सुनाती कभी नही मेरे घर आती...
