मौत एक सच्चाई है उसमे कोई एब नही...कविता

ग्राम-पेंडारी, पोस्ट-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर सरगुजा (छत्तीसगढ़) से सुनीता कुसवाहा जीवन की कुछ बातो को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर रही हैं :
मौत एक सच्चाई है उसमे कोई एब नही-
क्या लेकर जाओगे यारो कफन में कोई जेब नही-
आभाव में ही प्रतीक्षा की पहचान होती है-
पंखो सें कुछ नही होता, जिसे तूफानो में उड़ ना आए उसी मे जान होती है-
फूल कभी दो बार नही खिलता, जन्म कभी दो बार नही मिलता-
मिलने को तो कई हजारो लोग मिलते...

Posted on: Jul 18, 2018. Tags: HINDI POEM SONG SUNITA KUSWAHA VICTIMS REGISTER

भारत देश की माटी, चन्दन माथे तिलक लगाना...देशभक्ति कविता

ग्राम+पोस्ट-पडवी, तहसील-सिरमौर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश प्रसाद यादव एक देशभक्ति कविता प्रस्तुत कर रहे है:
भारत देश की माटी, चन्दन माथे तिलक लगाना-
आजादी की शान तिरंगा घर घर में लहराना-
सोने की चिड़िया देश हमारा जन जन में रघुराई-
गंगा यमुना और सरस्वती जिनमें इन्हें पहनाई-
उन अमर सपूत जवानों की हम फिर गाथा दोहराई-
हस कर झूल गये फांसी में अपनी जान गंवाई-
आज सभी को उनका परिचय फिर से आज बताना-
आजादी की शान तिरंगा घर घर में लहराना – हम न किसी पर जुल्म करेंगे और न जुल्म सहेंगे-
समाजवादी ज्योत लिए हम मिल-जुल सभी रहेंगे-
भारत माता की लरनौर को हम आज सभी कहेंगे-
कश्मीर-त्रिमौर हमारा न देंगे खूब लड़ेंगे न देंगे खूब लड़ेंगे-
पाकिस्तान होस में आजा खूब किया मन माना-
आजादी की शान तिरंगा घर घर में लहराना-
आजादी की शान तिरंगा घर घर में लहराना-
जिस आजादी के खातिर मर गये वीर बलिदानी-
स्वतंत्रता की कीमत जिसने सही सही पहचानी-
चन्द्रशेखर आजाद,भगत सिंह,झाँसी वाली रानी-
तिलक,गोखले,गांधी, बाबा की है अमिट कहानी-
अमर रहे गणतन्त्र हमारा हिन्द की राज बचाना-
आजादी की शान तिरंगा घर घर में लहराना-
स्वतंत्रता ले पावन बेला में कुछ प्रश्न करेंगे-
मोदी जी सीमा में सैनिक यूँही कब तक मरेंगे-
दुश्मन बना पडोसी धमकी कबतक यूँही सहेंगे-
आज भेज दे सैनिक अपने मिल जुल साथ लड़ेंगे-
मियां शरीफ़ की दादागिरी में अब है रोक लगाना-
आजादी की शान तिरंगा घर घर में है लहराना-
भारत देश की माटी चन्दन माथे तिलक लगाना-
आजादी की शान तिरंगा घर घर में है लहराना...

Posted on: Jul 14, 2018. Tags: POEM RAMESH PRASAD YADAV SONG VICTIMS REGISTER

हम शिवमन एक उपवन के, एक हमारी धरती सबकी...कविता

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अखिलेश कुशवाहा एक कविता सुना रहे है:
हम शिवमन एक उपवन के एक हमारी धरती सबकी-
जिसकी मिटटी में जन्मे हम मिली एक ही धुप हमे है-
सिंचे गए एक जल से हम पले हुए है झूल झूलकर-
पल्लों में हम एक पवन के हम शिवमन एक उपवन के-
रंग-रंग के रूप हमारे अलग अलग है क्यारी क्यारी-
लेकिन हम सबसे मिल कर ही उस उपवन की शोभा सारी-
एक हमारा माली हम सब रहते नीचे एक गगन के-
हम सब शिवमन एक उपवन के सूरज एक हमारा-
जिसकी किरणे उसकी कली खिलाती एक हमारा चाँद-
चांदनी जिसकी किरणे हमे नेहलाती मिले एक से-
स्वर हमको है भौरों के मीठे गूंजन के-
हम सब शिवमन एक उपवन के-
काटो में मिलकर हम सब ने हंस हंस जीना सीखा-
एक सूत्र में बंधकर हमने हार गले के बनना सीखा...

Posted on: Jul 13, 2018. Tags: AKHLESH KUSHWAH POEM SONG VICTIMS REGISTER

हाथी और भालू दोनों में था सच्चा-सच्चा मेल...बाल कविता

ग्राम-धुमाडाड, भगतपारा,जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक बाल कविता सुना रहे हैं:
हाथी और भालू दोनों में था सच्चा-सच्चा मेल-
दोनों मिलकर खेल रहे थे लुका-छिपा का खेल-
हाथी बोला सुन भाई भालू मै छिपने जाता हूँ-
पानी वाले जगह मिलेगा पक्की बताता हूँ...

Posted on: Jul 09, 2018. Tags: POEM RUPLAL SONG VICTIMS REGISTER MARAVI

दीदी का जब ब्याह रचाया मेरे माता और पिता ने...बाल कविता

ग्राम-मोहली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से निलेंदर कुमार के साथ में रोशनी है जो एक बाल कविता सुना रही है:
दीदी का जब ब्याह रचाया मेरे माता और पिता ने-
मेहमानो को तब बिठाया मेरे माता और पिता ने-
दिल्ली से फिर दादा-दादी, नाना-नानी आए-
साड़ी बिंदी चूड़ी कंगन कई भेट वो लाए-
मामा-मामी, मौसा-मौसी, काका-काकी आए-
सांथ में अपने प्यारे-प्यारे बच्चो को भी लाए...

Posted on: Jul 05, 2018. Tags: BALRAMPUR CG NILENDRA KUMAR POEM SONG VICTIMS REGISTER

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