हाथी और भालू दोनों में था सच्चा-सच्चा मेल...बाल कविता
ग्राम-धुमाडाड, भगतपारा,जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक बाल कविता सुना रहे हैं:
हाथी और भालू दोनों में था सच्चा-सच्चा मेल-
दोनों मिलकर खेल रहे थे लुका-छिपा का खेल-
हाथी बोला सुन भाई भालू मै छिपने जाता हूँ-
पानी वाले जगह मिलेगा पक्की बताता हूँ...
