वर्षा आती, वर्षा आती, घने घने बादल ले आती...कविता-

पासल, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से हरिओम एक बाल कविता
वर्षा आती, वर्षा आती सुना रहे हैं:
घने घने बादल ले आती-
गरजे बादल चमके बिजली-
पानी की बौछार पड़ती-
नदी तालाब खेत भर जाते-
सभी किसान खुश हो जाते...

Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG HARIOM POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

कोलिहा रैथे खेत खार मा, पानी मा कछुआ रैथे जी...छत्तीसगढ़ी कविता

आश्रित-भरभंवर, पंचायत-सरेखा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मण श्रीवास के साथ याशमी और आलिया एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
बिलाहा म मुसवा रैथे जी-
कोलिहा रैथे खेत खार मा, पानी मा कछुआ रैथे जी-
चाटी, मेंगरा झिया मा रैथे, मछली तरैया पानी मा-
मेंजका का रैथे दुनो जगा मा, कोठा मा गरुआ रैथे जी-
कुकुर हा रोते खोर गली मा, मिट्ठू रुख-राई मा जी-
केकरा रैथे बिला मा जी...

Posted on: Sep 16, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KABHIRDHAM LAXMAN SHRIWAS POEM SONG VICTIMS REGISTER

बड़ा महंगा पड़ता तुम्हारा आना जाना...बाल कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं:
चूहा भैया चूहा भैया मेरे घर तुम न आना-
मेरे घर में आकर तुम बिल न बनाना-
चूहा भैया चूहा भैया मेरे घर तुम न आना-
मेरे घर पर आकर तुम मेरे कपड़े को न कुतरना-
बड़ा महंगा पड़ता है फिर से उनको फिर सिलाना-
चूहा भैया चूहा भैया मेरे घर तुम न आना-
मेरे घर पर आकर तुम कोठी के धान न खाना-
बड़ा महंगा पड़ता तुम्हारा आना जाना-
बहार जो भी मिल्रे उसी को तुम खाना...

Posted on: Sep 16, 2018. Tags: CG CHILDREN KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

आर्य देश के मन में आए, गोंडवाना भुइंया...कविता

ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी एक स्वलिखित कविता सुना रहे हैं :
आर्य देश के मन में आए, गोंडवाना भुइंया-
विश्व में सबसे प्यारी भुइंया-देश दुनिया के गुरु रूप में-
पहचान बना रहे हैं यहाँ अनार्य कारी-
प्रक्रति के पुजारी हैं यहां-
जहां राजा रावण जैसे हैं पूरी अनार्य हितकारी-
फिजूल खर्ची होती नही वहाँ-फैशन होती यहाँ नही-
सोने की वर्षा होती है भारी-भारी...

Posted on: Sep 12, 2018. Tags: ANUPPUR BABULAL NETI MP POEM SONG VICTIMS REGISTER

शासन प्रशासन कर दिया साला, निजी कंपनी के हवाला...कविता

कन्हैयालाल पड़ियारी, ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक कविता सुना रहे है:
शासन प्रशासन कर दिया साला-
निजी कंपनी के हवाला-
जनता पड़ गए उनके पाला-
निकाल रहे हीरा काला-
किसानी जमीन हो गया निवाला-
दर-दर भटक रहा दाऊ लाला-
नेता दलाल हो गए माला-माल-
किसान जनता हुए हलाल...

Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG KANAHIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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