वह खून कहो किस मतलब का...कविता-

ग्राम-पपरौड़ी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से सोनू राठौर एक कविता सुना रहे हैं:
वह खून कहो किस मतलब का-
जिसमें उबाल का नाम नहीं-
वह खून कहो किस मतलब का-
आ सके देश के काम नहीं-
वह खून कहो किस मतलब का-
जिसमें जीवन, न रवानी है-
जो परवश होकर बहता है-
वह खून नहीं, पानी है...

Posted on: May 17, 2021. Tags: ANUPPUR MP POEM SONU RATHOUR

हांथी राजा बहुत बड़े, सूंड उठाकर कहाँ चले...कविता-

ग्राम पंचायत-पालम, ब्लाक-लोंहडीगुडा, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से रुपेश एक कविता सुना रहें है :
हांथी राजा बहुत बड़े, सूंड उठाकर कहाँ चले-
मेरे घर भी आओ न, हलवा पीडी खाओ न-
आओ बैठो कुर्सी पर, कुर्सी बोली चटर पटर-
बंदर मामा चले स्कूल, अकड-अकड चलते है...

Posted on: May 16, 2021. Tags: BASTAR CG LOHANDIGUDA POEM RUPESH

परिवार से बड़ा कोई धन नहीं है...विचार-

ग्राम-सरई, जिला-डिंडोरी, मध्यप्रदेश से संतोष कुमार अहिरवार विश्व परिवार दिवस पर विचार व्यक्त कर रहे हैं:
परिवार से बड़ा कोई धन नहीं है-
पिता से बड़ा कोई सलाहकार नहीं है-
माँ के छवि से बड़ी कोई दुनिया नहीं है-
भाई से अच्छा कोई भागीदारी नहीं है-
बहन से बड़ा कोई शुभ चिंतक नहीं...

Posted on: May 15, 2021. Tags: AKHILESH AHIRWAR DINDORI MP POEM

न रे सुअना घोंदरा ला छोंडी के कहाँ जाबो न...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
न रे सुअना घोंदरा ला-
छोंडी के कहाँ जाबो न-
अपन घोंदरा के सुख ला-
सुघर जगह कहाँ पाबो न-
कोयला के खातिर भुइंया के-
पोटा पटी ला निकारी का रे सुअना...(AR)

Posted on: May 12, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

दौलत खो जाये तो आ जाती है...कविता-

राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ से वीरेन्द्र गंधर्व मातृत्व दिवस पर एक कविता सुना रहे हैं:
दौलत खो जाये तो आ जाती है-
सोहरत खो जाये तो आ जाती है-
मगर माँ खो जाये तो कभी नहीं आती है-
यू तो रिश्ते तमाम होते हैं-
वक्त आने पर सारे नाकाम होते है...

Posted on: May 09, 2021. Tags: CG POEM RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV

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