बड़ो का अपमान और बेकार का अहंकार नहीं करना चाहिये...कहानी-
एक समय की बात है कलिंग राज्य में मकरध्वज नाम का एक अहंकारी राजा राज्य करता था| उसका कोई संतान नहीं था| एक बार उसके राज्य में दुर्वासा ऋषि आये| उन्होंने अपने आने का संदेश राजा के पास भेजा| राजा अहंकार वस उसके स्वागत के लिए नही आया| दरबारी से बोला ऋषि से कहो महाराज बुला रहे हैं| दरवारी ने वैसा ही किया| ऋषि ने इसे अपना अपमान समझा और क्रोधित होकर राजा को श्राप दिया| दुष्ट राजन मैंने तुम्हे स्वागत के लिये संदेश भेजा, लेकिन तुम नहीं आये| मै श्राप देता हूँ, तुम्हारे राज्य में 12 वर्ष तक वर्षा नहीं होगी| ये सुनकर राजा को पछतावा हुआ| वह तुरंत ऋषि के पैर पकड़कर बोला ऋषिवर मुझसे भूल हुई, माफ़ करें| आपका श्राप वापस लें| ऋषि बोले धनुष से निकला बाण वापस तरकश में नही जाता| बहुत बार विनती करने पर ऋषि को उस पर दया आ गया| वे बोले अपने राज्य में यज्ञ करो, गरीबो को दान करो| इससे श्राप ख़त्म हो जायेगा| राजा ने वैसा ही किया और उसका राज्य श्राप मुक्त हो गया| इस तरह उसका अहंकार खत्म हो गया|
Posted on: Jun 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
हरी भरी है बगिया हमारी लम्बी-लम्बी फूलों की क्यारी...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
हरी भरी है बगिया हमारी लम्बी-लम्बी फूलों की क्यारी-
रंग बिरंगे फूल खिले हैं, कुदरत करती उनकी रखवाली-
हर मौसम में फूलता रहता, जमकर डाली-डाली-
तोड़कर ले जाता उनको, आकर बाग़ का माली-
रंग बिरंगे तितलियाँ आती, बाग़ की सुंदरता बढाने को-
मधुमक्खियां आती मधु चुराने को, भौरे होते गाने को...
Posted on: Jun 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
तू महलों कई रानी, मै गलियों का राजा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
तू महलों कई रानी, मै गलियों का राजा-
तेरा-मेरा खूब जमेगा, चल बजवा लें लगन का बाजा-
तू बंगले की रानी होगी, मै संसद भवन का राजा-
आगे पीछे पुलिस की गाडी होगी, बीच में रानी-राजा-
घूमेंगे-फिरेंगे ऐश करेंगे, देश विदेश से होगा साझा-
रूस, अमेरिका, जापान, मलेशिया, सबका होगा साथ-
जो भो हो जरुर होगा हमारे पास...
Posted on: Jun 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
लड़की ही रसोई क्यों करे, बेटी में नहीं क्या जान...रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक रचना सुना रहे हैं :
लड़की ही रसोई क्यों करे, बेटी में नहीं क्या जान-
बेटा रसोई क्यों न करे, बेटा नहीं क्या इंसान-
बेटा ही तो मुकुट बांधकर जाता है बारात-
बेटी भी मुकुट बांधकर जाये लेकर बारात-
बेटा ही क्यों ले आता किसी पराई बेटी-
बेटी भी जाकर ले आये, माँ बाप का बेटा...
Posted on: Jun 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH RCHANA SONG VICTIMS REGISTER
मेरे नन्हें-नन्हें चूजो दूर कभी न जाना...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं :
मेरे नन्हें-नन्हें चूजो दूर कभी न जाना-
जो भी हो पास तुम्हारे मिल बाँट खा लेना-
नन्हें-नन्हें पंख तुम्हारी उड़ने भी ढंग से नह सीखे हो-
कोमल-कोमल हाथ पाँव तुम्हारी संभलना भी नही सीखे हो-
ऊँची-ऊँची पहाड़ पर्वत ऊँची गहरी खाई है-
ठौर-ठौर पर ब्याध का पहरा उनके आँखे ऊँची ललचाई है...
